Edited By Vijay, Updated: 26 May, 2026 02:34 PM

इन दिनों जहां हर तरफ पंचायत चुनाव का शोर मचा हुआ है, वहीं वन माफिया इस मौके का फायदा उठाकर जंगलों पर कुल्हाड़ी चलाने की फिराक में हैं।
बंगाणा (शर्मा): इन दिनों जहां हर तरफ पंचायत चुनाव का शोर मचा हुआ है, वहीं वन माफिया इस मौके का फायदा उठाकर जंगलों पर कुल्हाड़ी चलाने की फिराक में हैं। ऐसा ही एक मामला ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल के तहत आने वाले छतैहड़ डीपीएफ जंगल से सामने आया है। यहां पंचायत चुनाव की आड़ में दिनदहाड़े खैर के पेड़ काटे जा रहे थे। हालांकि, वन विभाग की टीम की मुस्तैदी से एक तस्कर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को अरलू खंड के डिप्टी रेंजर राजेश कुमार और पिपलू बीट के वन रक्षक आकाश छतैहड़ डीपीएफ जंगल में अपनी रूटीन गश्त पर थे। इसी दौरान शांत जंगल में उन्हें कुल्हाड़ी चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज का पीछा करते हुए जब वन कर्मी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति दिनदहाड़े खैर की लकड़ी छील रहा था। टीम ने फुर्ती दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान बलवंत सिंह के रूप में हुई है।
वन कर्मियों ने आरोपी से पूछताछ की और मौके से खैर की लकड़ी के 18 मौछे (लॉग) बरामद किए। वन विभाग के अनुसार बरामद की गई खैर की लकड़ी की कीमत लगभग 48,000 रुपए आंकी गई है। चूंकि यह क्षेत्र जंगल एरिया के बिल्कुल साथ सटा हुआ है, इसलिए वन विभाग अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि कुल कितने पेड़ काटे गए हैं और इस तस्करी के तार कहां-कहां जुड़े हैं।
डिप्टी रेंजर ने आरोपी को पकड़ने के बाद तुरंत बंगाणा के रेंज ऑफिसर अंकुश आनंद को मामले की सूचना दी। इसके बाद रेंज ऑफिसर अंकुश आनंद की शिकायत पर बंगाणा पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। बंगाणा पुलिस ने आरोपी बलवंत सिंह को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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