Edited By Kuldeep, Updated: 07 Apr, 2026 11:54 PM

वर्ष 2005 से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास का नया अध्याय लिखने वाली मनरेगा अप्रैल माह के खत्म होने के साथ इतिहास बन जाएगी।
सोलन (पाल): वर्ष 2005 से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास का नया अध्याय लिखने वाली मनरेगा अप्रैल माह के खत्म होने के साथ इतिहास बन जाएगी। संभावना है कि मई माह से विकसित भारत गारंटी फोर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वी.बी. जी राम जी) एक्ट 2025 लागू होगा। हालांकि पहली अप्रैल से वी.बी. जी राम जी को शुरू करने की योजना थी लेकिन राज्य स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक इस नई योजना को लेकर तैयारियां पूरी नहीं हुई थीं। इस कारण मनरेगा काे 30 अप्रैल तक बढ़ाया गया है, यानी अप्रैल माह में इसी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य किए जाएंगे।
प्रदेश में सबसे पहले वर्ष 2005 से मनरेगा चम्बा व सिरमौर जिलाें में शुरू हुई थी। उसके बाद कांगड़ा व मंडी जिलाें में यह योजना शुरू हुई थी। प्रदेश के अन्य 8 जिलों में मनरेगा को लागू किया गया था, यानी पूरे प्रदेश के 12 जिलों में 2008 से यह योजना चल रही थी लेकिन अब यह योजना अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच गई है। कुछ दिनों में बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गाथा लिखने वाली योजना इतिहास बन जाएगी। वीबी जी राम जी योजना मनरेगा की तरह ही कामयाब होगी या नहीं, यह तो आने वाले दिनों में पता चलेगा। यह बात अलग है कि पिछले कुछ वर्षों से मनरेगा प्रदेश में हांफने लग गई थी। कभी मजदूरों को उनकी पगार का कई-कई महीनों तक भुगतान नहीं हो रहा था तो कभी मैटीरियल की पेमैंट नहीं हो रही थी लेकिन अब पैंडिंग पेमैंट का भुगतान कर दिया गया है।
काेराेना काल में मनरेगा ग्रामीण लोगों के लिए बड़ी सहारा बनी थी, क्योंकि उस समय में निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की या तो नौकरी चली गई थी या फिर नौकरी छोड़कर अपने गांव लौट आए थे। उस समय में मनरेगा में काम कर इन लोगों ने न केवल अपने ग्रामीण क्षेत्र के विकास में योगदान दिया, बल्कि उन्हें उस कठिन समय में घरद्वार पर रोजगार भी मिला, जिससे वे अपने परिवार का पालन-पोषण करने में कामयाब रहे। जब सब ठीक हो गया है तो अपनी नौकरी पर लौट गए लेकिन जब तक घर पर रहे, तब तक मनरेगा में काम करते रहे। एडीसी सोलन राहुल जैन ने बताया कि मनरेगा को 30 अप्रैल तक बढ़ाया गया है। अब इस योजना को वी.बी. जी राम जी रिप्लेस करेगी। इसे लेकर तैयारियां चली हुई हैं।