Edited By Kuldeep, Updated: 11 Apr, 2026 07:37 PM

हिमाचल की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी और निचले इलाकों में बादलों के डेरे ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है।
शिमला: हिमाचल की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी और निचले इलाकों में बादलों के डेरे ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चम्बा के पांगी-भरमौर की ऊंची पर्वत शृंखलाओं में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि शनिवार को भुंतर में 1, कल्पा में 0.4 और मनाली में 7 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। शनिवार को प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री सैल्सियस तक कम रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 13 से 15 अप्रैल तक की राहत के बाद 16 अप्रैल से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे समूचे प्रदेश में मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है।
इस साल अप्रैल महीने में इंद्रदेव कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहे हैं। 10 अप्रैल तक प्रदेश में सामान्य से 142 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। बेमौसमी बारिश और बर्फबारी के चलते बागवानों और किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं। ओलावृष्टि और अधिक नमी से गेहूं की फसल और सेब के बगीचों को नुक्सान होने की प्रबल आशंका बनी हुई है।