Edited By Kuldeep, Updated: 30 Mar, 2026 10:26 PM

राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण चरण के तहत प्रदेश के सभी डीसी को मंगलवार तक अपने-अपने जिलों का आरक्षण रोस्टर तैयार कर पंचायती राज विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग को...
शिमला (संतोष): राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण चरण के तहत प्रदेश के सभी डी.सी. को मंगलवार तक अपने-अपने जिलों का आरक्षण रोस्टर तैयार कर पंचायती राज विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपना होगा। सरकार द्वारा जारी सख्त निर्देशों के अनुसार यह पूरी कवायद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप की जा रही है। डीसी को 31 मार्च को ही रोस्टर की प्रतिलिपि विभाग को उपलब्ध करवानी होगी, ताकि चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा सके। आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन सी पंचायतें महिलाओं, अनुसूचित जाति और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित की गई हैं।
राज्य सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश में 31 मई से पहले पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संपन्न करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासनिक तैयारियों के अगले चरण में नई गठित पंचायतों सहित सभी पंचायतों की मतदाता सूचियों के प्रकाशन की प्रक्रिया अप्रैल माह में पूरी कर ली जाएगी। इस प्रक्रिया से मतदाताओं को अपने नाम की जांच करने और किसी भी प्रकार के सुधार या दावे-आपत्तियां दर्ज करने का अवसर मिलेगा। आरक्षण रोस्टर जमा होने के बाद अब प्रदेश में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्माने वाला है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।