ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन ने निजी यूनिवर्सिटी पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, पुलिस को भी लपेटा (Video)

Edited By Vijay, Updated: 23 Jul, 2019 07:40 PM

शिक्षा देने की आड़ में राजधानी शिमला समेत हिमाचल में डेढ़ दर्जन निजी यूनिवर्सिटी खुल तो गई हैं लेकिन आए दिन ये नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं, जिनकी शिकायतें लगातार सामने आ रही है। ऐसा ही मामला शिमला में स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी में सामने आया है।...

शिमला (तिलक राज): शिक्षा देने की आड़ में राजधानी शिमला समेत हिमाचल में डेढ़ दर्जन निजी यूनिवर्सिटी खुल तो गई हैं लेकिन आए दिन ये नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं, जिनकी शिकायतें लगातार सामने आ रही है। ऐसा ही मामला शिमला में स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी में सामने आया है। निजी यूनिवर्सिटी के ड्राइवर-कंडक्टर के प्रधान राजेश कुमार ने यूनिवर्सिटी पर कई तरह की अनियमितताओं के आरोप जड़े हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के सभी वाहनों की 4 नवम्बर, 2016 को फिटनैस खत्म हो चुकी है। 12 बसों के अलावा इतनी ही छोटी गाडिय़ां हैं, जिनकी हालत भी खस्ता हो चुकी है। देश-विदेश से यहां छात्र पढ़ते हैं जोकि बसों में आते-जाते हैं। यदि कोई हादसा होता है तो जिम्मेदार कौन होगा?

चालक-परिचालकों को समय पर नहीं मिल रहा वेतन

उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के डेढ़ दर्जन वाहनों को 20 चालक व 14 परिचालक चलाते हैं। उनको भी समय पर वेतन नहीं मिलता है। यूनिवर्सिटी में श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है तथा ड्राइवरों का ई.पी.एफ. तक नहीं काटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में यूनिवर्सिटी ने 19 ड्राइवर व कंडक्टर निकाले थे, जिनमें से 7 वापस आ गए बाकी अभी भी सड़कों पर हैं। उनका मामला कोर्ट में चल रहा है।

पुलिस कर्मियों की गाड़ियों में यूनिवर्सिटी के खाते से भरवाया जाता है पैट्रोल

उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन कहता है कि वह कंगाली के दौर से गुजर रहा है। पुलिस भी यूनिवर्सिटी के खिलाफ कोई काईवाई नहीं करती है क्योंकि उनको भी यूनिवर्सिटी फायदा पहुंचाती है। पुलिस कर्मियों की 2 गाड़ियों हैं जिनमें निजी यूनिवर्सिटी के खाते से पैट्रोल भरवाया जाता है। यही वजह है कि पुलिस यूनिवर्सिटी की गाड़ियों को चैक नहीं करती है ओर यूनिवर्सिटी में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है।

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