Edited By Jyoti M, Updated: 30 Mar, 2026 12:20 PM

हिमाचल प्रदेश में 15 मई के बाद पंचायत और शहरी निकाय चुनाव कराने की प्रक्रिया तैयारी में है। योजना के अनुसार, पंचायतों के चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा सकते हैं, जबकि शहरी निकायों के चुनाव एक ही चरण में संपन्न होने की उम्मीद है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में 15 मई के बाद पंचायत और शहरी निकाय चुनाव कराने की प्रक्रिया तैयारी में है। योजना के अनुसार, पंचायतों के चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा सकते हैं, जबकि शहरी निकायों के चुनाव एक ही चरण में संपन्न होने की उम्मीद है।
आरक्षण रोस्टर और समय सीमा
चुनाव समय पर संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि 31 मार्च तक आरक्षण रोस्टर (Reservation Roster) हर हाल में जारी कर दिया जाए। शहरी निकायों के लिए भी इसी तरह के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। जैसे ही रोस्टर जारी होगा, चुनाव की तारीखों का रास्ता साफ हो जाएगा।
कोर्ट के निर्देश और नई पंचायतें
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि प्रदेश में स्थानीय निकायों के चुनाव 31 मई से पहले पूरे हो जाने चाहिए। इस बार प्रदेश में कुल 3,773 पंचायतों में चुनाव होने हैं। हालांकि, कुछ पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर मामला हाई कोर्ट में लंबित है, जिस पर सुनवाई जारी है।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने पुष्टि की है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सभी तैयारियां समय पर पूरी की जा रही हैं।