Edited By Vijay, Updated: 18 Apr, 2026 10:01 AM

हिमाचल में अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध पुलिस अब नई और अधिक सख्त रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। पुलिस मुख्यालय ने अवैध खनन की रोकथाम के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें छोटे वाहनों और भारी मशीनों के लिए अलग-अलग कार्रवाई का प्रावधान किया...
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल में अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध पुलिस अब नई और अधिक सख्त रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। पुलिस मुख्यालय ने अवैध खनन की रोकथाम के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें छोटे वाहनों और भारी मशीनों के लिए अलग-अलग कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी द्वारा जारी ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार अवैध खनन में संलिप्त भारी मशीनों के प्रति पुलिस जीरो टॉलरैंस की नीति अपनाएगी। टिप्पर, जेसीबी, एक्स्कावेटर और अन्य बड़ी मशीनों को अवैध गतिविधि में पाए जाने पर अनिवार्य रूप से जब्त किया जाएगा। इन भारी मशीनों के मामलों में पुलिस स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जा सकेगा। जब्त मशीनों को सीधे संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जिससे दोषियों के लिए कानूनी शिकंजे से बचना मुश्किल होगा। छोटे स्तर पर होने वाले अवैध खनन या अनियमितताओं के लिए पुलिस ने व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है, इसके तहत ट्रैक्टर जैसे छोटे वाहनों और खच्चरों के माध्यम से होने वाले अवैध खनन के मामलों में पुलिस कानून के दायरे में रहकर मौके पर चालान और कंपाऊंडिंग कर सकेगी।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसी कार्रवाई केवल उन्हीं मामलों में होगी जहां कानूनी अनुमति हो और प्रत्येक केस का विस्तृत रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई सामग्री (रेत, पत्थर आदि) के निपटान की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। खनन विभाग के माध्यम से जब्त सामग्री की नीलामी या निपटान नियमों के अनुसार जल्द से जल्द किया जाएगा, ताकि कार्रवाई का प्रभाव बना रहे।
कोताही बरतने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज
सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों को इन आदेशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेशों में साफ कहा गया है कि यदि किसी भी स्तर पर निर्देशों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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