Edited By Vijay, Updated: 24 Jun, 2026 11:53 AM

हिमाचल प्रदेश में अभी मानसून ने विधिवत रूप से दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन कुदरत ने अपने उग्र तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक तरफ जहां पूरा प्रदेश मानसूनी बारिश की फुहारों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है....
शिमला: हिमाचल प्रदेश में अभी मानसून ने विधिवत रूप से दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन कुदरत ने अपने उग्र तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक तरफ जहां पूरा प्रदेश मानसूनी बारिश की फुहारों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ किन्नौर जिले में बिना मानसून के ही आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। बुधवार तड़के हुई इस घटना ने साबित कर दिया है कि पहाड़ों पर मौसम का मिजाज पल भर में कैसे तबाही का रूप ले सकता है। यह घटना आगामी बरसात के मौसम से पहले एक गंभीर चेतावनी की तरह सामने आई है।
कुदरत का यह अचानक प्रहार किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र में देखने को मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब चार बजे के आसपास इलाके में कुछ देर के लिए तेज बारिश हुई। इस बारिश के तुरंत बाद निचार क्षेत्र के काचरंग नाले ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया और वहां एकाएक बाढ़ आ गई। पानी का बहाव इतना प्रचंड था कि देखते ही देखते ग्रामीणों के आवागमन का मुख्य रास्ता पूरी तरह से बह गया। वहीं पेयजल लाइनों के साथ जल शक्ति विभाग का एक पेयजल भंडारण टैंक भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। इस घटना के बाद इलाके में खौफ का माहौल बन गया।
इस तबाही के मंजर के बीच सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी तरह का कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ। हालांकि पानी के तेज बहाव ने रास्ते को और पेयजल लाइनों को जरूर निगल लिया है। घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है और स्थिति का जायजा ले रहा है। भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को टालने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर इस पूरे प्रभावित क्षेत्र की लगातार और कड़ी निगरानी की जा रही है।
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