"हिमाचल में अब तकनीकी और वित्तीय क्षमता देख कर ही मिलेंगे PMGSY परियोजनाओं के ठेके", विधानसभा में बोले CM सुक्खू

Edited By Swati Sharma, Updated: 02 Apr, 2026 05:53 PM

now only these contractors will be awarded the contracts for pmgsy projects

Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में कहा कि भविष्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के ठेके पूरी तरह से ठेकेदारों की तकनीकी और वित्तीय क्षमता के आधार पर दिए जाएंगे। राज्य भर में सड़क परियोजनाओं...

Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में कहा कि भविष्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के ठेके पूरी तरह से ठेकेदारों की तकनीकी और वित्तीय क्षमता के आधार पर दिए जाएंगे। राज्य भर में सड़क परियोजनाओं में हो रही देरी और रुके हुए कामों के बीच यह कदम उठाया गया है, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में कई सड़कों का काम तय समय से काफी पीछे चल रहा है।

ठेकेदारों की क्षमता की कड़ी जांच की जाएगी- CM सुक्खू  

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पिछली सरकारों के समय की कार्यप्रणाली से काम में सुस्ती आई थी, इसलिए अब ठेकेदारों की क्षमता की कड़ी जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सख्त निगरानी से काम समय पर पूरा होना सुनिश्चित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो ठेकेदार समय सीमा का पालन नहीं करेंगे, उनके ठेके रद्द किए जा सकते हैं। उन्होंने नोट किया कि पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के दौरान फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) जैसी शर्तों के साथ परियोजनाएं आवंटित की गई थीं, लेकिन कुछ ठेकेदार, विशेष रूप से वे जो पहाड़ी इलाकों से अपरिचित थे, समय पर काम पूरा करने में विफल रहे। सदन में रखे गए आंकड़ों के अनुसार, पीएमजीएसवाई-तृतीय (2023-24) के तहत देहरा निर्वाचन क्षेत्र में सड़क सुधार की कम से कम पांच परियोजनाएं अभी भी चल रही हैं, जिनकी प्रगति अलग-अलग स्तर पर है। जहां एक परियोजना लगभग 70 प्रतिशत पूरी हो चुकी है, वहीं अन्य 50 प्रतिशत पर रुकी हुई हैं और एक परियोजना तो केवल 15 प्रतिशत ही आगे बढ़ी है। इन सभी परियोजनाओं को अब जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

'विभाग ठेकेदारों के आंतरिक विवादों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता'

लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विभाग ठेकेदारों के आंतरिक विवादों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, लेकिन काम को समय पर पूरा करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा पूरी न होने पर ठेके रद्द कर दिए जाएंगे। इस मुद्दे को उठाते हुए संजय रतन और कमलेश ठाकुर सहित विधायकों ने आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदार काम पूरा करने में विफल रहे हैं, जिससे सड़कें आधी खुदी पड़ी हैं और भारी धूल प्रदूषण हो रहा है। इस बात पर भी चिंता जताई गई कि उत्तराखंड में कथित तौर पर काली सूची में डाले गए एक ठेकेदार को राज्य में लगातार प्रोजेक्ट मिल रहे हैं। शून्यकाल के दौरान विधायक आई.डी. लखनपाल ने तवी मोड़ और टुटू के बीच सड़क की खराब स्थिति की ओर ध्यान दिलाया और दुर्घटनाओं की चेतावनी दी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विभाग को तुरंत संज्ञान लेने और सचिवालय को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शून्यकाल के दौरान हंस राज और अनुराधा राणा ने भी अपने क्षेत्रों में सड़कों के धीमे काम का मुद्दा उठाया। हंस राज ने कहा कि चुराह में कोई अधिशासी अभियंता तैनात नहीं है और अधिकांश काम एक ही ठेकेदार को दिए गए हैं।

अनुराधा राणा ने BRO को दी ये चेतावनी

अनुराधा राणा ने कहा कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की अधिकांश सड़कों का रखरखाव भी एक ही ठेकेदार कर रहा है और सड़कों की हालत ठीक नहीं है। उन्होंने बीआरओ को चेतावनी दी कि यदि एक ही ठेकेदार को काम देना जारी रहा, तो वह धरने पर बैठेंगी। यह बहस ग्रामीण सड़क योजनाओं में धन और समय सीमा तय होने के बावजूद काम के क्रियान्वयन में आ रही खामियों पर बढ़ती चिंता को दर्शाती है।सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को सदन में उठाया, जिस पर सरकार ने स्वीकार किया कि समय सीमा नजदीक आने के बावजूद कई परियोजनाएं अधूरी हैं। 

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