Edited By Swati Sharma, Updated: 05 May, 2026 01:46 PM

Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2027 तक राज्य को हरित राज्य बनाने के उद्देश्य से शिमला नगर निगम के लिए 10 विद्युत कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही शिमला अपने कचरा प्रबंधन बेड़े को...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2027 तक राज्य को हरित राज्य बनाने के उद्देश्य से शिमला नगर निगम के लिए 10 विद्युत कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही शिमला अपने कचरा प्रबंधन बेड़े को विद्युत मोड में बदलने वाला राज्य का पहला शहरी स्थानीय निकाय बन गया है।
'पार्किंग स्थल पर पर्याप्त चार्जिंग बुनियादी ढांचा स्थापित'
नगर निगम सेवाओं में ई-गतिशीलता की ओर बढ़ने की चरणबद्ध योजना के हिस्से के रूप में इन वाहनों को सोमवार को हिमाचल प्रदेश राज्य सचिवालय से रवाना किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 से 14 नवंबर, 2025 के बीच इन वाहनों का परीक्षण किया गया था। तब इन वाहनों का प्रदर्शन शिमला के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में शानदार रहा था। प्रत्येक वाहन की कचरा संग्रहण क्षमता एक टन है और इन्हें 13.98 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया है। उन्होंने आगे कहा कि सुचारू और कुशल संचालन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम के पार्किंग स्थल पर पर्याप्त चार्जिंग बुनियादी ढांचा स्थापित किया गया है। एक बार पूर्ण रूप से चार्ज होने पर, प्रत्येक वाहन लगभग 130 से 150 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है।
CM सुक्खू ने की शिमला नगर निगम के प्रयासों की सराहना
शिमला नगर निगम के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सक्रिय रूप से ई-गतिशीलता को बढ़ावा दे रही है, जिसकी रूपरेखा उनके पहले बजट में दी गई थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। सुक्खू ने आगे कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुये विद्युत वाहनों को अपनाने से नगर निकाय के परिचालन व्यय को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। साथ ही, इससे राज्य की राजधानी में टिकाऊ कचरा प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।
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