शिमला की सड़कों पर फिर दिखा CM सुक्खू का सादगी भरा अंदाज, स्कूली छात्राओं को रोककर कह दी ये बड़ी बात

Edited By Vijay, Updated: 06 May, 2026 06:46 PM

cm sukhvinder singh sukhu

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आम जनता से जुड़ने का सादगी भरा अंदाज बुधवार को एक बार फिर देखने को मिला। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास ओक ओवर से प्रदेश सचिवालय के लिए पैदल ही निकल पड़े।

शिमला (कुलदीप): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आम जनता से जुड़ने का सादगी भरा अंदाज बुधवार को एक बार फिर देखने को मिला। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास ओक ओवर से प्रदेश सचिवालय के लिए पैदल ही निकल पड़े। इस पैदल सफर के दौरान उन्होंने जहां स्कूली छात्राओं और आम लोगों से संवाद किया, वहीं शिमला शहर में चल रहे विकासात्मक कार्यों का जायजा भी लिया।

छात्राओं को पैर छूने से रोका, कहा-'कन्याएं पैर नहीं छूतीं'
सचिवालय की ओर जाते समय मुख्यमंत्री सुक्खू ने रास्ते में जा रही स्कूली छात्राओं से बातचीत की और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में पूछा। छात्राओं ने बड़े उत्साह से जवाब देते हुए कहा कि कोई आईएएस  बनना चाहती है, कोई आईपीएस तो किसी ने वकील बनने की इच्छा जताई। छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं एक सरकारी स्कूल में पढ़कर प्रदेश का मुख्यमंत्री बन सकता हूं, तो आप बच्चे भी कड़ी मेहनत करके आईएएस, आईपीएस, वकील और डॉक्टर बन सकते हैं। इस दौरान जब कुछ छात्राओं ने मुख्यमंत्री के पैर छूने की कोशिश की, तो उन्होंने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया कि कन्याएं पैर नहीं छूतीं। उन्होंने छात्राओं से उनके शिक्षकों और पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली।

145 करोड़ के यूटिलिटी डक्ट प्रोजैक्ट का किया निरीक्षण
पैदल सफर के दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों से भी बातचीत की और शिमला शहर में निर्माणाधीन यूटिलिटी डक्ट के कार्य की प्रगति का जायजा लिया। बता दें कि राजधानी शिमला में 145 करोड़ रुपए की लागत से 7 किलोमीटर लंबे यूटिलिटी डक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। यह डक्ट छोटा शिमला से विलीज पार्क, सचिवालय होते हुए लोक भवन से ओक ओवर तक तथा शेर-ए-पंजाब से लोअर बाजार होते हुए सीटीओ और विलीज पार्क तक बनाया जा रहा है। इस डक्ट के बन जाने से शहर की बिजली की तारें, पानी की पाइपलाइनें और अन्य केबल्स को भूमिगत  कर दिया जाएगा, जिससे शहर के सौंदर्यीकरण में काफी मदद मिलेगी।

पैदल चलने और जनता से जुड़ने की रही है आदत
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री सुक्खू को इस तरह शिमला की सड़कों पर देखा गया हो। वह अक्सर ओक ओवर से प्रदेश सचिवालय या रिज मैदान तक का सफर पैदल ही तय करते हैं। इस दौरान वे न केवल आम जनता और बाहर से आए पर्यटकों से बात करके उनकी समस्याएं सुलझाने का प्रयास करते हैं, बल्कि शहर में चल रही विकासात्मक गतिविधियों की जमीनी हकीकत भी परखते हैं।

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