Himachal: अब फीस की चिंता नहीं! कामगार कल्याण बोर्ड ने संवारा बच्चों का भविष्य

Edited By Jyoti M, Updated: 12 Apr, 2026 12:46 PM

himachal workers  welfare board secures the future of children

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की 13 कल्याणकारी योजनाएं प्रदेश भर के श्रमिकों तथा उनके परिजनों के लिए वरदान साबित हो रही हैं।

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की 13 कल्याणकारी योजनाएं प्रदेश भर के श्रमिकों तथा उनके परिजनों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। श्रमिक परिवारों की आर्थिक मदद के लिए इन योजनाओं में मकान निर्माण, चिकित्सा सहायता, बच्चे के जन्म से लेकर, शिक्षा और विवाह के लिए आर्थिक सहायता, पेंशन, दिव्यांगता पेंशन, श्रमिक की मृत्यु पर आर्थिक मदद और कई अन्य प्रावधान किए गए हैं। जिला हमीरपुर में भी हजारों श्रमिक इन योजनाओं का भरपूर लाभ उठा रहे हैं।

बोर्ड की इन 13 कल्याणकारी योजनाओं में से एक है शिक्षा सहायता योजना। इस योजना के तहत पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की उच्चतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए श्रमिकों के बच्चों को 8400 रुपए से लेकर 1.20 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को प्रतिवर्ष 20 हजार रुपए की वित्तीय भी मदद दी जाती है। रोजाना दिहाड़ी-मजदूरी करके अपने परिवारों का पालन-पोषण करने वाले श्रमिकों के बच्चे भी अब इस योजना का लाभ उठाकर उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। अब उन्हें अपनी फीस कोई भी चिंता नहीं होती है।

हमीरपुर शहर के निकटवर्ती गांव उसली की सुनीता देवी और गांव मझोट के सोनी कुमार के बच्चे भी इसी योजना का लाभ उठाकर आजकल आईटीआई का डिप्लोमा कोर्स कर रहे हैं। गांव उसली की सुनीता देवी और उनके पति पुरुषोत्तम चंद मनरेगा एवं अन्य निर्माण कार्यों में मजदूर एवं मिस्त्री का कार्य करके जैसे-तैसे अपना परिवार चला रहे थे। बच्चों की उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के बारे में तो वे सोच भी नहीं सकते थे। लेकिन, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करवाने के बाद तो जैसे उनकी चिंता ही दूर हो गई।

बोर्ड की शिक्षा सहायता योजना का लाभ उठाकर अब उनका बेटा एक अच्छे संस्थान से आईटीआई का डिप्लोमा कर रहा है। उसे अभी तक बोर्ड से 48 हजार रुपये की राशि मिल चुकी है। इसी प्रकार, हमीरपुर के ही एक अन्य निकटवर्ती गांव मझोट के मिस्त्री सोनी कुमार का बेटा भी अब आईटीआई कर रहा है। सोनी कुमार ने बताया कि उनके बेटे को नौंवी, दसवीं और ग्यारहवीं कक्षा में कुल मिलाकर 33 हजार रुपये की राशि मिल चुकी है और अब उसने आईटीआई में भी एडमिशन ले ली है। आईटीआई की फीस के लिए आर्थिक मदद हेतु भी उन्होंने आवेदन कर दिया है। प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए सोनी कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं से गरीब श्रमिकों को बहुत बड़ी राहत मिल रही है।\

उधर, हमीरपुर की श्रमिक कल्याण अधिकारी रश्मि ठाकुर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में 1438 कामगारों के बच्चों की शिक्षा के लिए 4,29,85,600 रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कामगारों को कुल 7,47,57,793 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। 

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