Himachal: घर में है बेटी तो तुरंत पढ़ लें ये खबर! सरकार ने बदल दिया इस सबसे बड़ी योजना का नाम

Edited By Vijay, Updated: 05 Apr, 2026 07:57 PM

government has changed the name of this major scheme

प्रदेश सरकार ने बेटी है अनमोल योजना का नाम बदल कर इसे इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना का नाम दिया है। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवार में जन्मी बेटी के नाम पर राज्य सरकार 25 हजार रुपए इंश्योरैंस कंपनी में जमा करेगी।

शिमला (प्रीति): प्रदेश सरकार ने बेटी है अनमोल योजना का नाम बदल कर इसे इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना का नाम दिया है। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवार में जन्मी बेटी के नाम पर राज्य सरकार 25 हजार रुपए इंश्योरैंस कंपनी में जमा करेगी। यह राशि बेटी के नाम पर जमा होगी और 18 साल की आयु पूरी होने पर वह उस रकम को निकाल सकेगी। बेटी है अनमोल योजना की जगह इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना हिमाचल प्रदेश में पहली अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी। संबंधित विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में बेटियां खुशहाल हैं। राज्य में 2003 में बाल लिंग अनुपात 947 था। यानी प्रति हजार लड़कों पर 947 बेटियां थीं और वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार यह अनुपात अब 964 हो चुका है।

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बेटी है अनमोल योजना का मकसद बीपीएल परिवारों की बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना था। हिमाचल प्रदेश में यह योजना वर्ष 2010 में शुरू की गई थी। अब मौजूदा सरकार ने इस योजना का नाम बदल कर इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना किया है। योजना में बीपीएल परिवार की अधिकतम 2 बेटियों को कवर किया जाता है। योजना के तहत माता-पिता या अभिभावकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। प्रत्येक माता-पिता को 2 लाख का जीवन बीमा कवर दिया जाएगा, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में बच्ची का भविष्य प्रभावित न हो। यह बीमा कवर बेटी के 18 वर्ष की आयु तक (या अधिकतम 27 वर्ष तक) मान्य रहेगा।

बच्ची का जन्म 1 अप्रैल, 2026 या उसके बाद होना जरूरी
बीपीएल परिवार में जन्मी पहली या दूसरी बेटी ही इस योजना के लिए पात्र होगी। बच्ची का जन्म 1 अप्रैल, 2026 या उसके बाद होना जरूरी है। परिवार को ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल या नजदीकी केंद्र में आवेदन करना होगा, जहां जन्म प्रमाण पत्र, बीपीएल प्रमाण पत्र और आधार जैसी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। जब बेटी 18 वर्ष की आयु पूरी करेगी, तब जमा की गई राशि और उस पर मिलने वाले लाभ उसे दिए जाएंगे। यदि वह चाहे तो इस राशि को 27 वर्ष की आयु तक भी सुरक्षित रख सकती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा संचालन
योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा। सरकार नियमित मॉनीटरिंग और ऑडिट के जरिए यह सुनिश्चित करेगी कि लाभ सीधे बच्ची तक पहुंचे और किसी प्रकार का दुरुपयोग न हो। इस नई पहल से न केवल बेटियों के जन्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उनकी शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण को भी मजबूती मिलेगी।

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