Edited By Kuldeep, Updated: 08 Apr, 2026 08:50 PM

भारी बारिश और ऊंची पहाड़ियों पर ताजा बर्फबारी के बावजूद मैदानी क्षेत्रों के कुछ युवा बिना अनुमति मणिमहेश यात्रा पर निकल रहे हैं।
भरमौर (उत्तम): भारी बारिश और ऊंची पहाड़ियों पर ताजा बर्फबारी के बावजूद मैदानी क्षेत्रों के कुछ युवा बिना अनुमति मणिमहेश यात्रा पर निकल रहे हैं। बिना किसी को सूचित किए अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं। इन युवाओं को हड़सर के स्थानीय लोगों ने रोकने का प्रयास भी किया लेकिन वे नहीं माने। मंगलवार को 5 युवक गुई नाला में कुटिया में रह रहे बाबा से मिलने के बहाने पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ देर ये लोग बाबा के पास बैठे और फिर मणिमहेश की ओर निकल गए। ये सभी युवक पंजाबी भाषा में बात कर रहे थे तथा खाली हाथ ही थे। उनके पास ट्रैकिंग का कोई सामान भी नहीं था।
बाबा ने भी उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे आगे निकल गए। पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार खराब है। इसके बावजूद बाहरी राज्यों के युवक खतरा मोल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बैसाखी से पहले मणिमहेश जाना धार्मिक मान्यताओं के भी खिलाफ है, जिसे स्थानीय लोग तो मानते हैं, लेकिन बाहरी राज्यों के लोग बताने के बावजूद भी अनसुना कर आगे निकल जाते हैं जो अनावश्यक ही किसी समस्या में फंस जाते हैं और प्रशासन एवं स्थानीय लोगों के लिए समस्या खड़ी करते हैं। गत जनवरी महीने में भरमाणी माता जंगल में 2 युवाओं की बर्फ में फंसने से मौत हो गई थी।
उसके बाद प्रशासन व स्थानीय लोगों को उनके पार्थिक शरीर को रैस्क्यू करने में काफी अड़चनें आईं। एडीएम भरमौर विकास शर्मा के कहा कि खराब मौसम के चलते लोगों को जानबूझ कर खतरा मोल नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके ध्यान में यह बात लाई गई है। इसे रोकने के लिए पट्टी तथा हड़सर में पुलिस की सहायता से चैक पोस्ट स्थापित की जाएगी, ताकि ऐसे लोगों को आगे जाने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि वे खुद भी मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें तथा खुद को सुरक्षित रखें।