Edited By Vijay, Updated: 09 Jun, 2026 08:05 PM

वीरभूमि हिमाचल प्रदेश के एक और लाल ने भारतीय सेना में अपनी कामयाबी का परचम लहराया है। पालमपुर उपमंडल के तहत आने वाले गांव घमरोता (बल्ला) के निवासी अमित कुमार भारतीय सेना में पदोन्नत होकर लैफ्टिनैंट कर्नल बन गए हैं।
पालमपुर (भृगु): वीरभूमि हिमाचल प्रदेश के एक और लाल ने भारतीय सेना में अपनी कामयाबी का परचम लहराया है। पालमपुर उपमंडल के तहत आने वाले गांव घमरोता (बल्ला) के निवासी अमित कुमार भारतीय सेना में पदोन्नत होकर लैफ्टिनैंट कर्नल बन गए हैं। उनकी इस शानदार उपलब्धि से न केवल उनके पैतृक गांव बल्कि पूरे पालमपुर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
अहमदाबाद में सजे कंधे पर नए रैंक
जानकारी के अनुसार अमित कुमार की पदोन्नति का यह गौरवशाली समारोह गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित किया गया। इस विशेष पिपिंग सैरेमनी में उनके कमांडिंग अधिकारी कर्नल कौस्तुभ सिंह ने उनके कंधों पर लैफ्टिनेंट कर्नल के नए रैंक लगाए। अमित कुमार वर्तमान में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित आर्मर्ड कोर में अपनी बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं।
लेह के पहाड़ों से लेकर मणिपुर तक दिखाया शौर्य
लैफ्टिनैंट कर्नल अमित कुमार का सैन्य करियर बेहद चुनौतीपूर्ण और उपलब्धियों भरा रहा है। उन्होंने अपनी सेवा के दौरान लेह-लद्दाख के अत्यधिक दुर्गम और बर्फीले सीमावर्ती क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसके अलावा, देश के उत्तर-पूर्व राज्य मणिपुर के खतरनाक और उग्रवाद प्रभावित इलाकों में भी उन्होंने अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया है।
25 उग्रवाद विरोधी ऑप्रेशनों में नहीं होने दी कोई जनहानि
अमित कुमार के नेतृत्व क्षमता की सबसे बड़ी मिसाल उनकी मणिपुर में तैनाती के दौरान देखने को मिली थी। यहां उन्होंने अपनी कमान में पूरे 25 उग्रवाद विरोधी अभियानों का सफल नेतृत्व किया था। उनकी शानदार रणनीति का ही नतीजा था कि इन सभी 25 ऑप्रेशनों में भारतीय सेना को किसी भी प्रकार की सैन्य हानि का सामना नहीं करना पड़ा।
फौजी परिवार से रखते हैं ताल्लुक
अमित कुमार में देशभक्ति का जज्बा उन्हें विरासत में मिला है। उनके पिता दलीप सिंह भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार हैं। बेटे के लैफ्टिनेंट कर्नल बनने पर पिता और पूरे परिवार का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। इस शानदार उपलब्धि पर पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने अमित कुमार और उनके परिवार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे पालमपुर क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।
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