Edited By Vijay, Updated: 31 May, 2026 09:15 PM

18वीं निर्वासित तिब्बती संसद को अपना नया नेतृत्व मिल गया है और इसी के साथ तिब्बती संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय भी जुड़ गया है। संसद में हुए हालिया चुनाव में सांसद डोलमा सेरिंग को नया स्पीकर और सांसद खेनपो सोनम तेनफेल को डिप्टी स्पीकर निर्वाचित...
धर्मशाला (नितिन): 18वीं निर्वासित तिब्बती संसद को अपना नया नेतृत्व मिल गया है और इसी के साथ तिब्बती संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय भी जुड़ गया है। संसद में हुए हालिया चुनाव में सांसद डोलमा सेरिंग को नया स्पीकर और सांसद खेनपो सोनम तेनफेल को डिप्टी स्पीकर निर्वाचित किया गया है। इस चुनाव की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक बात यह रही कि डोलमा सेरिंग निर्वासित तिब्बती संसद के इतिहास में स्पीकर के सर्वोच्च पद पर काबिज होने वाली पहली महिला बन गई हैं। चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद, तिब्बती सर्वोच्च न्याय आयोग की मुख्य न्यायाधीश येशी वांगमो ने नवनिर्वाचित स्पीकर डोलमा सेरिंग और डिप्टी स्पीकर खेनपो सोनम तेनफेल को पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण करवाई।
पहली महिला स्पीकर बनकर इतिहास रचने वाली डोलमा सेरिंग के पास संसदीय कार्यप्रणाली का गहरा अनुभव है। इस बड़ी जिम्मेदारी को संभालने से पहले, वह 17वीं निर्वासित तिब्बती संसद में डिप्टी स्पीकर के तौर पर भी अपनी सफल सेवाएं दे चुकी हैं। 18वीं निर्वासित तिब्बती संसद के विधिवत गठन के बाद इस चुनाव को पहली सबसे बड़ी संसदीय प्रक्रिया माना जा रहा है। नए नेतृत्व (स्पीकर और डिप्टी स्पीकर) के पदभार ग्रहण करने के साथ ही अब नए कार्यकाल की संसदीय गतिविधियों और भविष्य की रणनीतियों को एक मजबूत और औपचारिक दिशा मिलेगी।
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