Himachal: चम्बा में खूंखार हुए बंदर, महिला समेत 5 लोगों पर किया हमला

Edited By Vijay, Updated: 07 Jun, 2026 04:06 PM

5 people injured in monkeys attack

हिमाचल प्रदेश के चम्बा शहर में बंदरों ने भारी खौफ पैदा कर दिया है। शहर के हरदासपुरा वार्ड के लाहड़ी इलाके में बंदर अब इतने खूंखार हो गए हैं कि वे अकेले राहगीरों को अपना शिकार बना रहे हैं।

चम्बा (रणवीर): हिमाचल प्रदेश के चम्बा शहर में बंदरों ने भारी खौफ पैदा कर दिया है। शहर के हरदासपुरा वार्ड के लाहड़ी इलाके में बंदर अब इतने खूंखार हो गए हैं कि वे अकेले राहगीरों को अपना शिकार बना रहे हैं। रविवार को भी लाहड़ी इलाके में बंदरों ने अचानक राहगीरों पर धावा बोल दिया। इस हमले में राजेंद्र, मेाहिंद्र, चंपा देवी, सलीम कुमार और राजकुमार घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चम्बा ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. प्रदीप ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार और जरूरी दवाइयां देकर घर भेज दिया गया है।

अकेले छत पर गए, तो समझो हमला पक्का
स्थानीय लोगों के अनुसार हरदासपुरा और आसपास के इलाकों में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। खासकर बच्चों का घर से बाहर निकलना और खेलना बंद हो गया है। घरों की छतों और खेत-खलिहानों में बंदरों का कब्जा है। दहशत इतनी है कि अगर किसी को छत पर कपड़े सुखाने डालने हों, तो सुरक्षा के लिए पूरे परिवार को लाठी-डंडों के साथ छत पर जाना पड़ता है। बंदर बच्चों के हाथों से और घरों के अंदर से खाने-पीने का सामान छीन कर भाग रहे हैं और विरोध करने पर हमला कर देते हैं। पिछले महीने जुलाहकड़ी इलाके में भी बंदरों ने कई लोगों को घायल किया था।

जंगल छोड़ शहर क्यों आ रहे बंदर? लोगों ने बताई ये वजह
बंदर बेखौफ होकर शहरों का रुख क्यों कर रहे हैं? इस सवाल पर स्थानीय निवासी सुरेंद्र, प्रवीण, कार्तिक और जतिन एक बेहद अहम तर्क देते हैं। उनका मानना है कि इसके पीछे कहीं न कहीं धार्मिक कारण भी जुड़ा है। हिंदू धर्म में बंदरों को भगवान हनुमान का रूप माना जाता है। इसी धार्मिक मान्यता और आस्था के चलते लोग बंदरों को फल और अन्य खाद्य पदार्थ खिलाते हैं। धार्मिक स्थलों और शहरों में इंसानों के आसपास आसानी से भरपेट भोजन मिलने के कारण बंदरों की पूरी फौज ने जंगलों से शहरों की तरफ पलायन कर लिया है। वे इंसानी व्यवहार को समझ चुके हैं और अब उन्हें इंसानों से डर नहीं लगता।

वन विभाग की सुस्ती पर फूटा गुस्सा
बढ़ते खौफ के बावजूद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार वन विभाग से गुहार लगाई है कि अलग-अलग हिस्सों में पिंजरे लगाकर इन खूंखार बंदरों को पकड़ा जाए, लेकिन अब तक कोई ठोस जमीनी कार्रवाई नहीं हुई है।

क्या कहते हैं अधिकारी
इस पूरे मामले पर जब डीएफओ कृतज्ञ से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वन विभाग ने बंदरों को आबादी वाले इलाकों से खदेड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि, स्थानीय लोग पिंजरे लगाकर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!