Edited By Updated: 22 Nov, 2015 12:57 PM

अध्यात्मिक व पारंपरिक मिलन के साथ मां रेणुका एवं भगवान परशुराम के अनोखे मिलन का यह मेला शुरू हो गया। वहीं मां-बेटे के मिलन का गवाह बनने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ आया है।
सिरमौर: अध्यात्मिक व पारंपरिक मिलन के साथ मां रेणुका एवं भगवान परशुराम के अनोखे मिलन का यह मेला शुरू हो गया। वहीं मां-बेटे के मिलन का गवाह बनने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ आया है।
जानकारी के मुताबिक इस रेणुका मेले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद देव पालकी को कंधा देने पहुंचे। रेणुका मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार दोपहर 1 बजे स्थानीय खेल मैदान में देवताओं की पालकी को कंधा देकर किया। वहीं उन्होंने देवताओं की पूजा अर्चना भी की। कहा जाता है कि आज के दिन मां रेणुका और भगवान परशुराम एक दूसरे से मिलते हैं। मां-बेटे का यह मिलन पूरे 1 साल बाद होता है।
आपको बता दें कि शोभायात्रा दोपहर बाद खेल प्रांगण से शुरू होकर ददाहू बाजार, गिरीपुल, बेढ़ोण गांव, देवशिला मेला परिसर और रेणु मंच से होते हुए रेणुका जी तीर्थ के त्रिवेणी घाट पर पहुंची। जहां हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मां-बेटे और 2 देवताओं का मिलन करवाया गया। इतना ही नहीं श्रद्धालुओं ने देवताओं के दर्शन पाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं की भीड़ भगवान परशुराम और मां रेणुका का जयघोष करते हुए आगे बढ़ रही थी।