Kangra: धर्मशाला में श्रमिकों का हल्ला बोल, 3 साल से लटके क्लेम पर सरकार को घेरा

Edited By Vijay, Updated: 17 Apr, 2026 11:32 PM

workersprotest in dharamshala

जिला मुख्यालय धर्मशाला में शुक्रवार को जिलेभर के श्रमिक गरजे। कचहरी अड्डा में श्रमिकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द क्लेम सैटल न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

धर्मशाला (सुनील): जिला मुख्यालय धर्मशाला में शुक्रवार को जिलेभर के श्रमिक गरजे। कचहरी अड्डा में श्रमिकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द क्लेम सैटल न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं श्रमिकों ने प्रदेश सरकार पर अनदेखी का आरोप भी लगाया। ट्रेड यूनियन को-ऑर्डीनेशन सैंटर के राज्य महासचिव रविंद्र सिंह के नेतृत्व में पहुंचे श्रमिकों ने कहा कि उनके क्लेम को लेकर तरह-तरह के ऑब्जैक्शन लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कामगार लाभार्थियों को 3 वर्ष से सहायता राशि प्राप्त नहीं हो रही है। कानूनी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल दीवारों और बसों पर चिपकाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 1400 करोड़ रुपए कामगार कल्याण बोर्ड के पास अपने हैं, इसके बावजूद क्लेम लटके हुए हैं। 

बोर्ड के कार्यालय में धूल चाट रहे मजदूरों के आवेदन
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि कल्याण बोर्ड पिछले 3 वर्ष से क्रमिक ऑब्जैक्शन लगाता जा रहा है। मजदूरों के आवेदन बोर्ड के कार्यालय में धूल चाट रहे हैं। यहां तक ही नहीं, दिसम्बर 2025 में जो मृत्यु और छात्रवृत्ति के क्लेम पास किए थे, उनको आज तक बैंक खाते में सहायता राशि नहीं आई है। इसलिए अब मजदूरों का धैर्य टूट रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि लापरवाह अधिकारियों पर नकेल कसने की बजाय सरकार श्रमिकों का शोषण कर रही है। इसके बाद निर्माण श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को 16 मांगों को लेकर ज्ञापन भी जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया है, जिसमें सरकार को चेताया है कि यदि 15 दिन के भीतर लंबित मांगों को पूरा नहीं किया गया तो धरने सड़कों पर किए जाएंगे और चक्का जाम भी किया जाएगा, क्योंकि 3 वर्ष से मजदूर अपनी योजनाओं का लाभ लाभ लेने की आस लगाए बैठे हैं और अब उनका सब्र का बांध टूट गया है।

सहायता हेतु 160 करोड़ का बजट पास, जारी किए 20 करोड़
यूनियन नेताओं ने कहा कि पिछले वर्ष बोर्ड ने निर्माण मजदूरों के लिए 160 करोड़ रुपए की सहायता राशि जारी करने के लिए बजट पास किया था, जिसमें से 31 मार्च, 2026 तक 20 करोड़ रुपए की राशि जारी की है। इसी से पता चलता है कि कामगार कल्याण बोर्ड कामगारों का कितना कल्याण कर रहा है। पिछले 3 वर्ष में कल्याण बोर्ड में सचिव का पद खाली पड़ा है। वहीं श्रम कल्याण अधिकारी के कार्यालय में 3 हजार निर्माण मजदूरों के आवेदन धूल चाट रहे हैं। इसी तरह निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड का सब ऑफिस पालमपुर फाइलों में बंद है। मजदूरों के जो दावे श्रम कल्याण अधिकारी ने अपनी मंजूरी देते हुए निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के मुख्यालय हमीरपुर को भेजे थे, उनमें से 2600 आवेदनों पर एतराज लगा कर वापस भेजे गए हैं।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!