विजिलेंस ने CMO ऑफिस का खंगाला रिकॉर्ड, खोले जाएंगे पुराने मामले

Edited By Ekta, Updated: 11 Nov, 2018 04:04 PM

vigilance record reconstruction of cmo office

विजिलेंस व एंटी क्रप्शन ब्यूरो द्वारा सी.एम.ओ. कार्यालय ऊना में तैनात सीनियर असिस्टेंट के संबंध में विजिलेंस ने स्वास्थ्य विभाग से भी रिकॉर्ड तलब किया है। विजिलेंस की टीम ने सी.एम.ओ. ऑफिस का वह रिकॉर्ड मांगा है जिसका लेखा जोखा संबंधित सीनियर...

ऊना (सुरेन्द्र): विजिलेंस व एंटी क्रप्शन ब्यूरो द्वारा सी.एम.ओ. कार्यालय ऊना में तैनात सीनियर असिस्टेंट के संबंध में विजिलेंस ने स्वास्थ्य विभाग से भी रिकॉर्ड तलब किया है। विजिलेंस की टीम ने सी.एम.ओ. ऑफिस का वह रिकॉर्ड मांगा है जिसका लेखा जोखा संबंधित सीनियर असिस्टेंट के पास मौजूद था। विजिलेंस ने 50 हजार रुपए की रिश्वत के आरोप में सी.एम.ओ. ऑफिस में तैनात बाबू को पकड़ा था। अब विजिलेंस इस मामले में पूरे रिकॉर्ड की छानबीन कर रही है। उधर पता चला है कि विजिलेंस द्वारा दबोचे गए इस बाबू के खिलाफ पहले भी विभागीय स्तर पर कुछ अनिमियतताओं को लेकर जांच शुरू की गई थी। अभी तक जांच की रिपोर्ट नहीं आई है। 

बाबू की कार्यप्रणाली को लेकर विभाग ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की थी जिसे पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया था। आरोप था कि वर्ष 2015 के बाद कैशबुक को कम्पलीट नहीं किया गया था। यह मामला जब सामने आया तो इसकी रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी गई थी। बताया जा रहा है कि जांच समिति गठित होने के बाद इस कैशबुक को भरा गया था। स्वास्थ्य विभाग में भी संबंधित क्लर्क की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े किए गए थे। विभाग अंदरूनी तौर पर ही तथ्यों की जांच में जुटा हुआ था। 

उधर विजिलेंस विभाग की टीम ने रविवार को सी.एम.ओ. ऑफिस से दस्तावेज खंगालने की प्रक्रिया को शुरू किया। कुछ रिकार्ड हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया। विजिलेंस की टीम उन तमाम दस्तावेजों को बारीकी से खंगालेगी जिन्हें सीनियर असिस्टेंट डील करते थे। कुछ और मामलों की जांच की परतें भी विजिलेंस द्वारा उधेड़ी जाएंगी। सी.एम.ओ. डा. रमन शर्मा ने माना कि 2015 के बाद कैशबुक को नियमित रूप से नहीं अपडेट किया गया था। इस मामले की शिकायत भी हुई थी।

जांच समिति गठित की गई थी जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। संबंधित सीनियर असिस्टेंट का मामला डायरेक्टर हैल्थ को भेज दिया गया है ताकि आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा सके। विजिलेंस की टीम ने दस्तावेजों की मांग की है जो उन्हें उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। विजिलेंस के ए.एस.पी. सागर चंद्र का कहना है कि सीनियर असिस्टेंट को 50 हजार रुपए की रिश्वत के मामले में टीम ने पकड़ा था। इस मामले की जांच जारी है। स्वास्थ्य विभाग सहित कुछ अन्य विभागों से भी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। जांच अभी चल रही है। ऐसे में इस मामले पर अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।

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