Edited By Kuldeep, Updated: 06 Apr, 2026 10:26 PM

सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जिस डॉक्टर पर लोगों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी थी, वही नशे की गिरफ्त में आता हुआ पाया गया है और जांच में उसकी भूमिका भी सामने आई है।
नाहन (आशु): सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जिस डॉक्टर पर लोगों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी थी, वही नशे की गिरफ्त में आता हुआ पाया गया है और जांच में उसकी भूमिका भी सामने आई है।
पुलिस थाना सदर नाहन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत पहले दो स्थानीय युवकों अभिमन्यु ठाकुर और भानु गर्ग को चिट्टे (हैरोइन) की खेप के साथ गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आते गए।
पुलिस के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि केंद्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरिपुरधार में तैनात डॉ. आदित्य शर्मा ने इन युवकों को स्कूटी नंबर (एचपी18बी-0444) पर हरियाणा के नारायणगढ़ भेजकर 6.68 ग्राम चिट्टा/हैरोइन मंगवाई थी। जांच के दौरान पुलिस को 9,180 रुपए के डिजिटल ट्रांजैक्शन और व्हाट्सएप चैट जैसे अहम साक्ष्य भी मिले हैं, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम की परतें खोल दी हैं।
जानकारी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर पहले केंद्रीय कारागार में भी तैनात रह चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह लंबे समय से नशे का आदी था। आशंका यह भी जताई जा रही है कि वह नशे के सेवन के साथ-साथ इसके लेन-देन से भी जुड़ा हो सकता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि डॉक्टर वर्ष 2020 से नशे की लत में था और दिन में कई बार इंजैक्शन के माध्यम से नशा करता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह खेप हरियाणा के “विक्की” नामक व्यक्ति से खरीदी गई थी, जिससे एक बड़े अंतर्राज्यीय नैटवर्क की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल आरोपी डॉक्टर को तीन दिन के पुलिस रिमांड के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन भेज दिया गया है।
वहीं, आरोपियों के जब्त मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों को फोरैंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच हर पहलू से की जा रही है और आने वाले समय में और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।