Edited By Vijay, Updated: 03 Feb, 2026 11:44 AM

बर्फ की चादर में लिपटे हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले की बेहद दुर्गम और खूबसूरत पांगी घाटी से प्रकृति प्रेमियों के लिए एक सुखद और दुर्लभ खबर सामने आई है।
चम्बा: बर्फ की चादर में लिपटे हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले की बेहद दुर्गम और खूबसूरत पांगी घाटी से प्रकृति प्रेमियों के लिए एक सुखद और दुर्लभ खबर सामने आई है। यहां बर्फ से लकदक पहाड़ियों के बीच संकटग्रस्त प्रजाति हिमालयन थार जिसे हिमालयन तहर भी कहा जाता है, का एक पूरा झुंड बेखौफ विचरता नजर आया है।
कैमरे में कैद हुआ अद्भुत नजारा
ताजा बर्फबारी के बाद पांगी क्षेत्र की पहाड़ियां पूरी तरह सफेद हो चुकी हैं। इन्ही कठिन और ऊंचे बर्फीले इलाकों में स्थानीय लोगों ने एक अद्भुत दृश्य अपने कैमरों में कैद किया। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हाड़ कंपा देने वाली ठंड और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, हिमालयन थार का झुंड बड़ी सहजता और शान से ढलानों पर घूम रहा है। आम दिनों में इंसानों से कोसों दूर और पथरीली चट्टानों की आड़ में रहने वाले इन जीवों का इस तरह खुले में दिखना अपने आप में एक अनोखी घटना है।
सेहतमंद ईको सिस्टम का प्रमाण
विशेषज्ञों की मानें तो पांगी घाटी में हिमालयन तहर का इस तरह झुंड में दिखाई देना सिर्फ एक सुंदर दृश्य नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से एक बड़ी खुशखबरी है। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि पांगी घाटी का पारिस्थितिकी तंत्र बेहद स्वस्थ और जीवंत है। यह वन विभाग और स्थानीय समुदायों द्वारा वन्यजीव संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है। कठिन मौसम में भी इन जीवों की सक्रियता बताती है कि यहां का प्राकृतिक संतुलन बना हुआ है।
क्यों खास है हिमालयन थार का दिखना?
हिमालयन थार को संकटग्रस्त प्रजातियों की श्रेणी में रखा गया है। जलवायु परिवर्तन, सिकुड़ते आवास और शिकार के खतरों के कारण इनकी संख्या पर लगातार दबाव बना हुआ है। ये जीव स्वभाव से बेहद शर्मीले होते हैं और खड़ी चट्टानों पर रहना पसंद करते हैं, ऐसे में भारी बर्फबारी के बीच इनका बेफिक्र होकर घूमना प्रकृति की मजबूती और सुंदरता का प्रतीक है।
लद्दाख के बाद अब पांगी घाटी चर्चा में
जिस तरह हाल ही में लद्दाख के पहाड़ों में स्नो लेपर्ड की झलक ने दुनिया भर का ध्यान खींचा था, ठीक उसी तरह पांगी घाटी में हिमालयन थार का यह दुर्लभ दृश्य वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह नजारा न केवल आंखों को सुकून देने वाला है, बल्कि हिमालय की समृद्ध जैव विविधता को संजोए रखने की प्रेरणा भी देता है।