Edited By Jyoti M, Updated: 02 Feb, 2026 12:03 PM

हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है, जिससे राज्य भर में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को मनाली, लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई, जिससे अटल टनल रोहतांग सहित कई संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है, जिससे राज्य भर में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को मनाली, लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई, जिससे अटल टनल रोहतांग सहित कई संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, शिमला, कुल्लू, चंबा और कांगड़ा सहित मध्य और निचले इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा।
आगामी पूर्वानुमान और अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में दो नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय हो रहे हैं। पहला विक्षोभ 2 फरवरी से और दूसरा 5 फरवरी से अपना असर दिखाएगा।
2 और 3 फरवरी: राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मंगलवार को विशेष रूप से शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और चंबा में बर्फबारी का अनुमान है।
तेज हवाएं और बिजली: मैदानी जिलों जैसे ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और सोलन में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
तापमान में गिरावट: अगले 24 घंटों में ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आने की संभावना है, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।
राहत और शुष्क मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, 4, 5 और 7 फरवरी को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, 6 फरवरी को फिर से ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को फिसलन और कम दृश्यता के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।