Edited By Vijay, Updated: 23 Jan, 2026 07:13 PM

पर्यटन नगरी डल्हौजी, मिनी स्विटजरलैंड खजियार समेत जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा हिमपात हुआ है जबकि निचले क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमपात के चलते पांगी घाटी का जिला मुख्यालय व देश-दुनिया से संपर्क...
चम्बा (काकू चौहान): पर्यटन नगरी डल्हौजी, मिनी स्विटजरलैंड खजियार समेत जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा हिमपात हुआ है जबकि निचले क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमपात के चलते पांगी घाटी का जिला मुख्यालय व देश-दुनिया से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। लोग घाटी में ही कैद होकर रह गए हैं। बर्फबारी व बारिश के कारण 116 सड़कें यातायात के लिए प्रभावित हुई हैं। हालांकि इसमें से 11 सड़कों को लोक निर्माण विभाग ने शुक्रवार शाम तक बहाल भी कर दिया है, लेकिन 105 सड़कें अब भी बंद पड़ी है। इसके चलते लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी मुश्किलें उठानी पड़ी हैं। पांगी घाटी में सर्वाधिक 42 सड़कें अवरुद्ध पड़ी हैं। इसके अलावा तीसा में 18, सलूणी में 15, भरमौर में 14, चम्बा में 10, डल्हौजी में 5 और भटियात में एक सड़क बाधित है।
659 ट्रांसफार्मर ठप्प
वहीं पूरे जिले में 893 ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद 234 ट्रांसफार्मर को तो चालू कर दिया है, लेकिन 659 ट्रांसफार्मर अब भी ठप्प पड़े हैं। इससे सैंकड़ों गांवों में अंधेरा पसर गया है। कड़ाके की ठंड में बिना बिजली के दुश्वारियां बढ़ गई हैं। तीसा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 167 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हुए हैं। इसी तरह सलूणी में 140, भरमौर 134, डल्हौजी 78, चम्बा 69, भटियात 39 और पांगी में 32 ट्रांसफार्मर बाधित हैं। बिजली न होने के कारण लोगों को मोमबत्ती व दीये के सहारे रात गुजारनी पड़ी।

कुछ क्षेत्रों में सीजन का पहला हिमपात
यैलो अलर्ट के बीच वीरवार आधी रात से मौसम ने करवट ली और तेज तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर चल पड़ा। शुक्रवार को सुबह जब लोगों की नींद खुली तो भरमौर, पांगी, चुराह व सलूणी, डल्हौजी, खजियार जोत में बर्फ की सफेद चादर बिछ चुकी थी। इसके बाद बर्फबारी व बारिश क्रम देर शाम तक जारी रहा। कुछ क्षेत्रों में सीजन का पहला हिमपात हुआ है जबकि कुछ इलाकों में नववर्ष के आगमन पर भी बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी व बारिश से लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है।

कहां कितनी बर्फबारी
डल्हौजी में करीब 3 इंच बर्फबारी हुई हैं। लकड़मंडी व कालाटोप में एक फुट जबकि डैनकुंड में 2 फुट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। पांगी में डेढ़ फुट से ज्यादा बर्फ गिर चुकी है। सबसे ज्यादा हिमपात घाटी में हुआ है। तीसा में 21 इंच, सलूणी में 6 इंच और जोत में 7 इंच तक बर्फ गिरी है।

मुख्य मार्गों की स्थिति
पठानकोट-चम्बा-भरमौर एनएच पर चम्बा तक वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से हो रही है। चम्बा से आगे खड़ामुख तक भी जरूरी वाहनों की आवाजाही होती रही। यहां से आगे भरमौर तक एनएच बंद है। डल्हौजी-खजियार मार्ग वाया लकड़मंडी वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद हो गया है। इसी तरह चम्बा खजियार मार्ग भी बड़े वाहनों के लिए बंद है। गेट तक ही वाहनों की आवाजाही हो रही है। इससे आगे कोई वाहन नहीं चल रहे हैं। चम्बा-होली मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही ठप्प हो गई है। चम्बा-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग आवाजाही के लिए पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया गया है। चम्बा-चुवाड़ी वाया जोत मार्ग पर छोटे वाहन की चल रहे हैं।
मौसम के मिजाज को देखते हुए जिलाभर में अलर्ट जारी
डीसी चम्बा मुकेश रेप्सवाल ने बताया कि प्रशासन ने मौसम के मिजाज को देखते हुए जिलाभर में अलर्ट जारी कर दिया है। लोक निर्माण विभाग व बिजली बोर्ड के अधिकारियों को सड़क व बिजली की बहाली के निर्देश दिए गए हैं। खराब मौसम में लोग अनावश्यक यात्रा न करें। प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें।