Edited By Vijay, Updated: 22 Jan, 2026 02:38 PM

हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर बड़ी करवट लेने को तैयार है। देवभूमि की शांत वादियों में पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक के साथ ही कुदरत का मिजाज बदलने वाला है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर बड़ी करवट लेने को तैयार है। देवभूमि की शांत वादियों में पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक के साथ ही कुदरत का मिजाज बदलने वाला है। अगर आप पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर देखने का ख्वाब सजा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए खुश कर देने वाली है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि वीरवार की रात से ही प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 23 जनवरी को राज्य के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम का यह बिगड़ा हुआ मिजाज 27 जनवरी तक बने रहने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 23 जनवरी का दिन सबसे भारी रहने वाला है। इस दिन ऊना, बिलासपुर, चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। वहीं सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों में बारिश के साथ-साथ आसमान से आफत यानी भारी ओलावृष्टि का अलर्ट है। इसके अलावा राजधानी शिमला और किन्नौर जिलों के लिए यैलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश में ठंड का प्रकोप पहले से ही जारी है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 6.8 डिग्री सैल्सियस तक लुढ़क गया है, जो प्रदेश में सबसे कम है। वहीं ताबो में माइनस 6.7 और कल्पा में माइनस 2.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, ऊना में दिन के समय थोड़ी राहत है, जहां पारा 25 डिग्री तक पहुंच गया है, लेकिन सुबह-शाम की ठिठुरन बरकरार है।
विभाग के अनुसार 22, 26 और 27 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होगी। बीच में 24 जनवरी को सिर्फ ऊंचाई वाले इलाकों में असर दिखेगा, जबकि 25 जनवरी को मौसम के शुष्क रहने के आसार हैं। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिसलन और भारी हिमपात का खतरा है, इसलिए अनावश्यक यात्रा से बचने और गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।