हिमाचल बनेगा फार्मा हब: मुख्यमंत्री सुक्खू ने हरोली में रखी विकास की नींव

Edited By Jyoti M, Updated: 12 Apr, 2026 09:51 AM

himachal to become a pharma hub

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हरोली उपमंडल के पोलियां बीत में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क परियोजना के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले साइट विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया।

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हरोली उपमंडल के पोलियां बीत में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क परियोजना के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले साइट विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने पंजुआना में 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले कामकाजी महिला छात्रावास की आधारशिला भी रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना राष्ट्रीय महत्त्व की परियोजना है। उन्होंने अधिकारियों को इसके कार्यों की गति को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी छह से आठ महीनों के भीतर यहां धरातल पर इसका कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा आने वाले समय में यह क्षेत्र एक आधुनिक औद्योगिक शहर के रूप में विकसित होकर उभरेगा।

उन्होंने कहा कि दो हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह औद्योगिक परिसर देश के फार्मा क्षेत्र को नई मजबूती देगा। यह परियोजना एक्टिव फार्मास्यूटिकल इन्ग्रीडिएंट्स के निर्माण में भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी तथा दवाइयों के कच्चे माल के लिए बाहरी देशों पर निर्भरता कम करेगी। देशभर में केवल तीन बल्क ड्रग पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से एक हरोली में स्थापित हो रहा है। यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को स्वयं संचालित करने का निर्णय लिया है। केंद्र और राज्य सरकार इस योजना में एक-एक हजार करोड़ रुपये का समान निवेश कर साझेदारी के आधार पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से विद्यालयों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में पांचवें स्थान तक पहुंचा है, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद कर प्रदेश हितों की अनदेखी की गई है, लेकिन राज्य सरकार हिमाचल के अधिकारों और हितों को मजबूती से केंद्र के समक्ष उठाकर प्रदेश को विकास की नई दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मनरेगा को बंद कर केंद्र सरकार ने गरीबों के हितों पर प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की गई है, जिसके तहत छात्रों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। सरकार ने समाज के जरूरतमंद वर्गों, विशेषकर अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए हैं तथा उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। साथ ही, प्रदेश की प्राकृतिक और आर्थिक संपदा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ प्रयासरत है।

सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक रूप से उत्पादित फसलों पर देश में सबसे अधिक ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ प्रदान कर रही है। इस वर्ष प्राकृतिक गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की 40 रुपये से 50 रुपये तथा प्राकृतिक हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्प 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली प्रदेश भाजपा सरकार के समय पांच वर्षों में केंद्र से बीजेपी को हमारी सरकार की तुलना में साठ हजार करोड़ रुपये अधिक प्राप्त हुए, लेकिन उस धनराशि का सदुपयोग करने के बजाय उन्होंने उसे लूट और दुरुपयोग में गंवा दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीतियां प्रदेश विरोधी रही हैं और उनके शासनकाल में जनहित को प्राथमिकता नहीं दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार के समय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में हिमाचल 21वें स्थान पर था। हमारी सरकार ने आते ही शिक्षा में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं और आज हिमाचल देशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू कर बच्चों के लिए नए अवसरों के द्वार खोले गए हैं, जिससे उनका भविष्य और अधिक सशक्त हो रहा है।

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार निरंतर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में अनेक महत्त्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रभावी नेतृत्व में हरोली का औद्योगिक, आधारभूत एवं सामाजिक ढांचा निरंतर सुदृढ़ हो रहा है और बल्क ड्रग पार्क जैसी राष्ट्रीय महत्त्व की परियोजना तीव्र गति से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से संबंधित लगभग 66 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं के कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए गए हैं, जबकि अन्य विकास कार्यों पर तेजी से कार्य जारी है। इन योजनाओं के पूर्ण होने से न केवल औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रभावी नेतृत्व में यह परियोजना तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त 3400 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पांच किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन इस पार्क को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी, जिससे निवेश और आपूर्ति श्रृंखला को नई मजबूती मिलेगी।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी प्रदेश सरकार विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से संतोषगढ़-जैंजों सड़क कार्य योजना पर तेजी से कार्य प्रगति पर है। यह सड़क परियोजना क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी तथा लोगों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाएगी।

उन्होंने कहा कि जिला ऊना के लोगों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 175 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। यह महत्वाकांक्षी योजना विशेष रूप से ऊना के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को नई मजबूती प्रदान करेगी और हजारों परिवारों को लाभान्वित करेगी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार राष्ट्रीय महत्त्व की बल्क ड्रग पार्क परियोजना के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में मील का पत्थर सिद्ध होगी तथा प्रदेश को रोजगार, निवेश और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर प्रदान करेगी।

इस अवसर पर विधायक विवेक शर्मा, सुदर्शन बबलू, पूर्व मंत्री एवं हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, पूर्व विधायक ऊना सतपाल सिंह रायजादा, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, हिमोकोफेड के अध्यक्ष विक्रम शर्मा डिक्की, पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष मनीष कुमार, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देशराज गौतम, हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आरडी नजीम, निदेशक उद्योग विभाग डॉ. यूनुस, अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, उपायुक्त ऊना जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हीरेमठ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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