Edited By Jyoti M, Updated: 06 Apr, 2026 12:53 PM

हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में आज कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह विरोध प्रदर्शन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के खिलाफ किया जा रहा है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में आज कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह विरोध प्रदर्शन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के खिलाफ किया जा रहा है। ऑपरेटरों ने सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चक्काजाम का आह्वान किया, जिसके चलते जिले में टैक्सियों, ऑटो, ट्रकों और निजी बसों के पहिये पूरी तरह थम गए हैं।
हड़ताल का व्यापक असर
इस विरोध प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों और आम जनता पर पड़ा है। कांगड़ा के अधिकतर निजी स्कूल आज बंद रहे क्योंकि स्कूल बसें नहीं चलीं। इतना ही नहीं, दूध और ब्रेड जैसी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई ले जा रहे वाहनों को भी जगह-जगह रोक दिया, जिससे आवश्यक सेवाओं में बाधा आई।
प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन
जिले के विभिन्न हिस्सों में ऑपरेटर एकजुट होकर अपनी मांगें रख रहे हैं। धर्मशाला में जिले भर के ऑपरेटरों ने महात्मा गांधी स्मृति वाटिका में एकत्र होकर कचहरी तक आक्रोश रैली निकाली। टैक्सी यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि जनता को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
देहरा में हनुमान चौक और व्यास पुल के पास प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें समय रहते रोक दिया।
पालमपुर और बैजनाथ: पालमपुर में निजी बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहा और ऑपरेटरों ने चौराहों पर प्रदर्शन किया। वहीं बैजनाथ में भी यूनियन ने रैली निकाली, हालांकि वहां लगभग 50 प्रतिशत निजी बसें चलती रहीं।
मंडी-पठानकोट हाईवे पर सनौरा चौक और चंबी में भी भारी संख्या में ऑपरेटर जुटे और कमर्शियल वाहनों को आगे नहीं जाने दिया।
ऑपरेटरों का कहना है कि सरकार की नई नीतियों से उनके काम पर बुरा असर पड़ रहा है और जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, उनका विरोध जारी रहेगा। फिलहाल पूरे जिले में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।