Edited By Swati Sharma, Updated: 02 Apr, 2026 04:13 PM

Bilaspur News : बिलासपुर जिले के उपमंडल झंडूता के अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव अमरोआ में जश्न का माहौल है। दरअसल, गांव के सपूत अंकुश कपिल ने भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अंकुश की यह सफलता...
Bilaspur News : बिलासपुर जिले के उपमंडल झंडूता के अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव अमरोआ में जश्न का माहौल है। दरअसल, गांव के सपूत अंकुश कपिल ने भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अंकुश की यह सफलता उनके 11 वर्षों के निरंतर परिश्रम, कड़े अनुशासन और देश सेवा के प्रति उनके जुनून का प्रतिफल है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
बता दें कि अंकुश कपिल ने हाल ही में में सब लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है। बताया जा रहा है कि अंकुश की सफलता 11 वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने शुरू से ही देशसेवा को अपना लक्ष्य बनाया और उसी दिशा में निरंतर प्रयास करते रहे। इस दौरान उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कभी पीछे नहीं हटे।
परिवार के लिए प्रेरणास्रोत
कठिन चयन प्रक्रिया के तहत उन्होंने SSB की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने कठोर प्रशिक्षण पूरा किया और अंततः भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में शामिल हुए। अंकुश के परिवार के लिए यह भावुक कर देने वाला क्षण है। परिजनों के अनुसार, "दुनिया आज अंकुश की वर्दी और उसके कंधों पर चमकते सितारे देख रही है, लेकिन इसके पीछे छिपे 11 साल के कड़े संघर्ष और त्याग को केवल हम जानते हैं। यह हमारी प्रार्थनाओं और उसकी अटूट मेहनत का फल है।" अंकुश ने न केवल एक अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई है, बल्कि अपने छोटे भाई-बहनों के लिए भी एक आदर्श मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है। उनकी सफलता हिमाचल के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सशस्त्र बलों में अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं।
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