Edited By Vijay, Updated: 02 Apr, 2026 03:48 PM

प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार को सीबीएसई का दर्जा देने और इसे राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊंचा गांव में मर्ज करने के फैसले के खिलाफ स्थानीय महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है।
कुनिहार (नेगी): प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार को सीबीएसई का दर्जा देने और इसे राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊंचा गांव में मर्ज करने के फैसले के खिलाफ स्थानीय महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। इस फैसले से आक्रोशित मातृशक्ति ने कुनिहार के स्थानीय बाजार और मुख्य मार्ग से होते हुए रोष रैली निकाली और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस फैसले को तुरंत प्रभाव से निरस्त नहीं किया गया, तो सरकार को भारी जन आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
यातायात और दूरी बनी सबसे बड़ी चिंता
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि सरकार के इस फैसले का सीधा असर हिमाचल बोर्ड में पढ़ रहे छोटे बच्चों पर पड़ेगा। स्कूल के ऊंचा गांव में मर्ज होने से कक्षा पहली से आठवीं तक के छोटे बच्चों को अब कुनिहार स्कूल से करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा। कोठी, कंडला, कामला, और पुलहाड़ा जैसे गांवों के बच्चों को मुख्य मार्ग के भारी ट्रैफिक के बीच से ऊंचा गांव छोड़ना और लाना अभिभावकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन जाएगा।
सीबीएसई नहीं चाहिए, हिमाचल बोर्ड में ही पढ़ाना चाहते हैं बच्चे
महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि उन्हें सीबीएसई स्कूल नहीं चाहिए, बल्कि वे अपने बच्चों को हिमाचल बोर्ड में ही पढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अचानक बच्चों पर सीबीएसई का सिलेबस थोप दिया है। अभिभावकों को चिंता सता रही है कि जो कमजोर बच्चे एचपी बोर्ड में बड़ी मुश्किल से पास होकर अगली कक्षा में पहुंचते हैं, वे अब सीबीएसई का कठिन सिलेबस कैसे पास कर पाएंगे? प्रदर्शन में गोमती देवी, कौशल्या कंवर, पुष्पा, मोनिका, अंजली, प्रभा, उमा, शीला, मीना, सुषमा और तृप्ता देवी सहित कई महिलाएं शामिल रहीं। इन सभी ने एक सुर में कहा कि सरकार बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनः विचार करे अन्यथा आने वाले समय में इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
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