Edited By Vijay, Updated: 02 Apr, 2025 01:43 PM

एचआरटीसी की वर्कशॉप में कर्मचारी व कलपुर्जों की कमी के चलते राजधानी शिमला शहर सहित प्रदेशभर जगह-जगह एचआरटीसी की बसें खराब हो रही हैं, जिससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिमला (राजेश): एचआरटीसी की वर्कशॉप में कर्मचारी व कलपुर्जों की कमी के चलते राजधानी शिमला शहर सहित प्रदेशभर जगह-जगह एचआरटीसी की बसें खराब हो रही हैं, जिससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि निगम की वर्कशॉप्स में तकनीकी कर्मचारियों की कमी के चलते सही तरीके से काम नहीं हो पा रहा है। वहीं ब्रेकडाऊन पर वर्कशॉप से कर्मचारी भी नहीं भेजे जा रहे हैं।
तकनीकी कर्मचारियों के 2267 पद, मात्र 1100 दे रहे सेवाएं
निगम तकनीकी कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेशभर की एचआरटीसी वर्कशॉप में तकनीकी कर्मचारियों के 2267 पद हैं, लेकिन इन पदों पर मात्र 1100 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं, वहीं निगम के पास करीब 3300 बसें हैं। ऐसे में 3300 बसों की मुरम्मत का कार्य प्रदेशभर में मात्र 1100 कर्मचारी देख रहे हैं, जिससे वर्कशॉप में कर्मचारी जितनी बसों की मुरम्मत कर सकते हैं वह कर रहे हैं। वहीं कई बसें बिना मुरम्मत के चल रही हैं और रूटों पर खराब हो रही हैं। शिमला शहर में भी मंगलवार को 2 निगम की बसें बीच सड़क में खराब हो गईं। इसमें एक बस संजौली टनल तो दूसरी पुराना बस स्टैंड के पास खराब हुई। इसी तरह शिमला सहित प्रदेशभर में आए दिन जगह-जगह पर बसें खराब हो रही हैं।
एचआरटीसी तकनीकी कर्मचारी सचिवालय व मुख्यालय में दे रहे सेवाएं
एचआरटीसी वर्कशॉप में तकनीकी कर्मचारियों की कमी की एक वजह ये भी कि वर्कशॉप में काम करने वाले तकनीकी कर्मचारी सचिवालय, मुख्यालय, स्टोर, गैरेज व अन्य जगहों पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि इन तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्तियां वर्कशॉप में काम करने के लिए की गई थीं। हिमाचल पथ परिवहन निगम तकनीकी कर्मचारी संघ ने अन्य जगहों पर सेवाएं दे रहे तकनीकी कर्मचारियों को वापस वर्कशॉप में भेजे जाने की मांग भी निगम प्रबंधन व सरकार से की है।
वर्कशॉप में नहीं हैं ये कलपुर्जे
शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर वर्कशॉप में कलपुर्जों की कमी चल रही है। हिमाचल पथ परिवहन निगम तकनीकी कर्मचारी संघ के अनुसार वर्कशॉप में ब्रेक पार्ट, इंजन पार्ट, इलैक्ट्रिकल पार्ट सहित सभी प्रकार के कलपुर्जाें की कमी है, जिससे बसों को समय पर ठीक नहीं किया जा पा रहा है। कलपुर्जे नहीं बदलने से पुराने कलपुर्जों की ही मुरम्मत की जा रही है और बसें चलाई जा रही हैं। नतीजन बसें बीच मार्ग पर खड़ी हो रही हैं।
क्या कहते हैं हिमाचल पथ परिवहन तकनीकी कर्मचारी यूनियन के चेयरमैन
हिमाचल पथ परिवहन तकनीकी कर्मचारी यूनियन के चेयरमैन पूर्ण चंद शर्मा ने कहा कि एचआरटीसी की वर्कशॉप में कलपुर्जों सहित कर्मचारियों की कमी खल रही है। तकनीकी कर्मचारियों की कमी के चलते प्रदेश भर में बसें समय पर ठीक नहीं हो रही हैं। निगम के 3300 बसों के फलीट को मात्र 1100 कर्मचारी देख रहे हैं। निगम प्रबंधन के समक्ष कई बार पदों को भरने की मांग की जा चुकी है लेकिन पदों पर भर्ती नहीं हो रही है। वहीं कर्मचारियों को ओवरटाइम भी समय से नहीं मिल रहा है।
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