Edited By Vijay, Updated: 30 Aug, 2025 12:55 PM

हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-21) को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस वजह से मनाली का देश के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-21) को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस वजह से मनाली का देश के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया है। इस आपदा के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस मार्ग की तत्काल मरम्मत के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरंगों के निर्माण जैसे स्थायी उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
एनएचएआई के अनुसार कुल्लू-मनाली खंड के 10 ऐसे स्थान हैं जो पूरी तरह से बह गए हैं, जबकि 5 स्थान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। पंजाब के किरतपुर साहिब से हिमाचल प्रदेश के मनाली तक जाने वाला यह राजमार्ग पिछले कुछ दिनों में आई बाढ़, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई जगहों पर टूट गया है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि पर्यटन और व्यापार पर भी असर पड़ा है।
एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने बीते शुक्रवार काे शिमला में अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि शिमला क्षेत्रीय कार्यालय को मरम्मत कार्य के लिए जरूरी धनराशि जारी कर दी गई है। इसके अलावा राजमार्ग की अस्थायी बहाली का काम भी तेजी से चल रहा है। मुरम्मत के लिए ठेकेदारों को मौके पर तैनात कर दिया गया है और युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल हो सके। फिलहाल, इस मार्ग पर केवल हल्के वाहनों की आवाजाही संभव है। एनएचएआई ने हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग को भी वैकल्पिक सड़क की मुरम्मत के लिए आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचने के लिए एनएचएआई ने स्थायी समाधान तलाशने शुरू कर दिए हैं। इसमें सुरंगों का निर्माण, ऊंची संरचनाएं और ढलान को मजबूत करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
एनएच-21 न केवल मनाली को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है, बल्कि यह लेह की ओर जाने वाले एक और महत्वपूर्ण राजमार्ग से भी जुड़ता है। इन दोनों मार्गों के जरिए चंडीगढ़, लाहौल-स्पीति और लेह के बीच सीधी कनैक्टिविटी मिलती है। इससे सीमावर्ती इलाकों में पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलता है और सालभर आवाजाही संभव हो पाती है।
गौरतलब है कि किरतपुर-मनाली राजमार्ग काे फाेरलेन बनाने का काम 2013 में शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मार्च, 2024 को इसका औपचारिक उद्घाटन किया था। करीब 3400 करोड़ रुपए की लागत से बने इस राजमार्ग का एक हिस्सा अभी भी निर्माणाधीन है। इसके पूरा होने के बाद किरतपुर और मनाली के बीच की दूरी 232 किलोमीटर से घटकर 195 किलोमीटर रह जाएगी और यात्रा का समय भी तीन घंटे कम हो जाएगा।