Edited By Kuldeep, Updated: 08 Jan, 2026 11:19 PM

तेलंगाना का स्किल एवं जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा मॉडल हिमाचल प्रदेश भी अपनाएगा। इसके तहत हिमाचल में राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
शिमला (अभिषेक): तेलंगाना का स्किल एवं जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा मॉडल हिमाचल प्रदेश भी अपनाएगा। इसके तहत हिमाचल में राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसी प्रकार हिमाचल का दल तेलंगाना के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव सांझा करने, नवाचारों से सीखने तथा भविष्य में आपसी सहयोग की संभावनाओं को भी तलाशेगा। यह बात शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने तेलंगाना के दौरे के दौरान हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के साथ बैठक केे दौरान कही।
हिमाचल प्रदेश से शिक्षा विभाग का उच्च स्तरीय दल शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में तेलंगाना के दौरे पर है और इसी कड़ी में वीरवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान दोनों राज्यों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग, नवाचार और श्रेष्ठ शैक्षणिक मॉडलों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया। शिक्षा मंत्री के साथ समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमरजीत शर्मा, स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को हिमाचल में पिछले 3 वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में किए गए व्यापक और परिवर्तनकारी सुधारों की जानकारी दी और कहा कि इनका सकारात्मक प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। उन्होंने परख सर्वे 2024, पीजीआई रिपोर्ट तथा असर रिपोर्ट जैसे राष्ट्रीय आकलनों में हिमाचल प्रदेश के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने की प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने, अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने के हिमाचल के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हिमाचल प्रदेश द्वारा प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने अपने 6297 स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित कर एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना भी चरणबद्ध तरीके से सभी सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू कर रहा है और अब तक लगभग 1500 स्कूलों में यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है।
उन्होंने हिमाचल द्वारा प्राथमिक कक्षाओं में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू करने की पहल को भी प्रशंसनीय बताया। उन्होंने बताया कि तेलंगाना ने पारंपरिक वोकेशनल पाठ्यक्रमों के स्थान पर आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस जैसे आधुनिक विषयों पर आधारित नए वोकेशनल कोर्स शुरू किए हैं। इन पाठ्यक्रमों की शुरूआत पहली कक्षा से ही की गई है, ताकि बच्चों को प्रारंभ से ही कौशल-आधारित शिक्षा के लिए तैयार किया जा सके।
समग्र शिक्षा निदेशक ने हिमाचल के स्कूली शिक्षा परिदृश्य पर दी विस्तृत प्रस्तुति
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के स्कूली शिक्षा परिदृश्य पर विस्तृत प्रस्तुति दी और राज्य की प्रमुख पहलों की जानकारी सांझा की। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में विश्व स्तरीय शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के अनुरूप राज्य के 6297 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू की गई हैं।