Edited By Vijay, Updated: 19 Feb, 2026 10:09 PM

हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की नेतृत्व वाली सरकार में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा का आरडीजी पर असली चेहरा प्रदेश के सामने...
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की नेतृत्व वाली सरकार में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा का आरडीजी पर असली चेहरा प्रदेश के सामने बेनकाब हो चुका है, जिससे वह पूरी तरह बौखलाए हुए हैं। दोनों मंत्रियों ने वीरवार को शिमला से जारी संयुक्त बयान में कहा है कि आज जयराम ठाकुर और भाजपा के अन्य नेता आरडीजी विरोधी हो गए हैं, जबकि उन्होंने हिमाचल प्रदेश की सीमित आर्थिक संसाधनों और भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए 15वें और 16वें वित्तायोग के समक्ष प्रदेश को आरडीजी देने की पुरजोर वकालत की थी।
मंत्रियों ने सवाल उठाया कि जयराम ठाकुर प्रदेश की जनता को स्पष्ट करें कि कुछ ही महीनों में उनका रुख क्यों बदल गया है। आखिर क्यों आज वह और पूरी भाजपा हिमाचल प्रदेश के हितों के खिलाफ खड़ी है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का विरोध करते-करते भाजपा नेतृत्व शायद प्रदेश के लोगों के हितों को भूल चुका है। मंत्रियों ने कहा कि भाजपा नेता आज केंद्रीय योजनाओं के तहत मिलने वाली धनराशि को आर्थिक मदद के रूप में गिना रहे हैं, जबकि यह प्रदेश की जनता का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बेतुके स्पष्टीकरण प्रदेश के लोगों के गले नहीं उतरने वाले।
मंत्रियाें ने कहा कि जयराम ठाकुर और भाजपा नेताओं ने अब तक आरडीजी के मुद्दे पर एक बार भी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि क्या भाजपा आरडीजी को बंद करने के पक्ष में है या नहीं? मंत्रियों ने कहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश के लिए आरडीजी बहाल करने के लिए लाए गए सरकारी प्रस्ताव का विरोध कर भाजपा ने अपना वास्तविक चेहरा उजागर कर दिया है।