हिमाचल के वित्तीय हालात पर जयराम ठाकुर ने की केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात

Edited By Kuldeep, Updated: 24 Feb, 2026 08:14 PM

shimla jai ram thakur finance minister meeting

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के वित्तीय हालात को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ नई दिल्ली में मुलाकात की।

शिमला (ब्यूरो): नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के वित्तीय हालात को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ नई दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने से उपजे हालात और केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद को लेकर प्रमुखता से चर्चा की। उन्होंने केंद्र सरकार से उदार वित्तीय मदद मिलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का आभार जताया।

नई दिल्ली में मुलाकात के बाद शिमला से जारी अपने बयान में नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के आर्थिक हालात को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पूरी कैबिनेट नई दिल्ली पहुंची, लेकिन वह न तो प्रधानमंत्री से मिले और न ही केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पूरी कैबिनेट अपने-अपने नेताओं से मिलकर अपनी राजनीतिक समीकरणों को फिट करने में ही जुटी रही। उन्होंने कहा कि हिमाचल को किसी भी प्रकार से यदि मदद होगी, तो वह केंद्र सरकार से होगी प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के माध्यम से ही होगी।

उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से मिलने की किसी ने जहमत नहीं उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस नेता सिर्फ और सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं और हिमाचल के हितों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व हार से बौखलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध पर उतर आई है। इसी का प्रमाण ए.आई. इंपैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस का आपत्तिजनक विरोध प्रदर्शन रहा, जिसमें राष्ट्रहित का भी ध्यान नहीं रखा गया।

उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि हिमाचल भवन और सदन जैसे राज्य की प्रतिष्ठा और पहचान के प्रतीक को षड्यंत्र का अड्डा नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जबसे केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है, तब से प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा मिलने के अलावा उदार वित्तीय मदद एवं सहायता मिली है। हिमाचल प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने से केंद्र की तरफ से प्रायोजित 191 योजनाओं में प्रदेश की भागीदारी मात्र 10 फीसदी की होती है, बाकी सारा खर्च केंद्र सरकार की तरफ से ही वहन किया जाता है।

इस महीने केंद्र सरकार से मिले 3,000 करोड़ के प्रोजैक्ट
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं (ईएपी) के जरिए केंद्र सरकार की तरफ से 3,000 करोड़ रुपए की मदद की गई है, जिसमें से जायका 2 के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं की सुदृढ़ीकरण के लिए 1,617 रुपए के प्रोजैक्ट की स्वीकृति दी गई है। इसमें जायका की तरफ से 1,294 करोड़ रुपए का ऋण दिया जाएगा, जिसमें से 1,165 करोड़ केंद्र सरकार वहन करेगी। इससे हिमाचल प्रदेश के 5 मैडीकल कॉलेज और 86 स्वास्थ्य संस्थाओं में व्यवस्थाएं सुधरेंगी। इसके अलावा आपदा पुनर्निर्माण के लिए विश्व बैंक की तरफ से 1,992 करोड़ रुपए के प्रोजैक्ट को स्वीकृति दी गई थी। इस प्रोजैक्ट में भी केंद्र सरकार 1,792 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!