Edited By Kuldeep, Updated: 02 Mar, 2026 06:03 PM

हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति ने मांगें पूरी करने को लेकर प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि बजट सत्र में लंबित मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
शिमला (राक्टा): हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति ने मांगें पूरी करने को लेकर प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि बजट सत्र में लंबित मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा। समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने सोमवार को शिमला में बताया कि 5 मार्च को सुंदरनगर में राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर करेंगे, जिसमें 18 पैंशनर्ज संगठनों के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी, जिला संयोजक और अध्यक्ष हिस्सा लेंगे। उन्होंने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि संयुक्त संघर्ष समिति की तरफ से प्रदेश सरकार को 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक उस पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बीते 18 दिसम्बर को घुमारवीं में एक माह के भीतर लंबित मैडीकल बिलों के भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन 2 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पैंशनर्ज को राहत नहीं मिली। उन्होंने 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रैच्युटी, लीव एनकैशमैंट, कॉम्यूटेशन और संशोधित पैंशन की अदायगी की मांग दोहराई है, साथ ही 13 प्रतिशत डीए और 146 माह के एरियर का भुगतान भी लंबित बताया गया है। एचआरटीसी पैंशनर्ज को समय पर पैंशन, बिजली बोर्ड कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ, चिकित्सा बिलों के लिए 15 करोड़ रुपए जारी करने तथा शहरी निकाय पैंशनर्ज को 2016 वेतन आयोग के आधार पर पैंशन देने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
बजट में प्रावधान नहीं तो सड़कों पर उतरेंगे पैंशनर्ज
वर्मा ने चेताया कि यदि बजट सत्र में मांगों के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया तो जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पैंशनर्ज की हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।