Edited By Vijay, Updated: 02 Apr, 2026 07:11 PM

राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने संसद के उच्च सदन में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, उनके कौशल विकास और उन्हें उच्च तकनीक वाले (हाईटैक) उपकरण उपलब्ध करवाने का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया।
शिमला (ब्यूरो): राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने संसद के उच्च सदन में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, उनके कौशल विकास और उन्हें उच्च तकनीक वाले (हाईटैक) उपकरण उपलब्ध करवाने का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से नव-प्रारंभ दिव्यांगजन कौशल और दिव्यांग सहारा योजनाओं के लक्ष्यों तथा हिमाचल प्रदेश में इनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत ब्यौरा मांगा।
दिव्यांगों के लिए खुलेंगे मार्ट, मिलेंगे स्वदेशी एआई आधारित उपकरण
सांसद डॉ. सिकंदर के सवालों का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने सदन को बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित दिव्यांग सहारा योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को उच्च गुणवत्ता वाले सहायक यंत्र समय पर उपलब्ध कराना है। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि इसके तहत आधुनिक रिटेल स्टोर्स की तर्ज पर मार्ट स्थापित किए जाएंगे। इन मार्ट्स में जाकर दिव्यांगजन अपनी जरूरत के उपकरणों का पहले परीक्षण कर सकेंगे और फिर उन्हें खरीद सकेंगे। इसके अलावा, आयात पर निर्भरता कम करने के लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम अब स्टार्टअप्स के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस पर आधारित स्वदेशी उपकरणों का निर्माण कर रहा है।
हिमाचल सरकार की तरफ से नहीं आया कोई प्रस्ताव
सदन में डॉ. सिकंदर कुमार ने राज्य स्तरीय योजनाओं को यूडीआईडी डेटाबेस के साथ जोड़ने का अहम प्रश्न भी उठाया। इस पर केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने डेटा सांझा करने का पूरा तंत्र तैयार कर लिया है, लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक अपने राज्य पोर्टल को यूडीआईडी डेटाबेस से एकीकृत करने का कोई प्रस्ताव केंद्र को प्राप्त नहीं हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य किसी एक विशेष राज्य तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि देशभर के दिव्यांग लाभार्थियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
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