न इंटरनैट, न कोचिंग...फिर भी नहीं हारी हिम्मत! पांगी की बेटी अर्चना ने बढ़ाया हिमाचल का मान

Edited By Vijay, Updated: 22 Apr, 2026 12:16 PM

qualified for jee advanced

हिमाचल प्रदेश की दुर्गम वादियों में बसी पांगी घाटी की बेटी अर्चना ने विषम परिस्थितियों को मात देते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

चम्बा (काकू): हिमाचल प्रदेश की दुर्गम वादियों में बसी पांगी घाटी की बेटी अर्चना ने विषम परिस्थितियों को मात देते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय किलाड़ की 12वीं कक्षा की छात्रा अर्चना ने जेईई मेन्स (अप्रैल सत्र) में शानदार प्रदर्शन करते हुए जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अर्चना की इस कामयाबी से पूरे पांगी क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। अर्चना की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देशभर में जेईई मेन्स के लिए शामिल हुए 11 लाख से अधिक उम्मीदवारों में से केवल 2.5 लाख छात्र ही अगले चरण (जेईई एडवांस्ड) के लिए चुने गए हैं, जिनमें अर्चना का नाम शामिल है।

पांगी घाटी हिमाचल प्रदेश के सबसे कठिन इलाकों में से एक मानी जाती है। भारी बर्फबारी के कारण यह क्षेत्र साल के 6 महीने शेष दुनिया से पूरी तरह कटा रहता है। यहां स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च शिक्षा और डिजिटल बुनियादी ढांचे की भारी कमी है। इंटरनैट की समस्या और निजी कोचिंग की कोई सुविधा न होने के बावजूद अर्चना ने हार नहीं मानी। उन्होंने केवल स्कूल के सीमित संसाधनों और अपनी कड़ी सैल्फ स्टडी के दम पर यह कठिन मुकाम हासिल किया है।

मूलतः पांगी घाटी के धरवास गांव की रहने वाली अर्चना ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के निरंतर प्रोत्साहन को दिया है। स्कूल के प्रधानाचार्य देश राज ने अर्चना की सराहना करते हुए कहा कि पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में, जहां बुनियादी शिक्षा पूरी करना ही अपने आप में एक बड़ा संघर्ष है, वहां अर्चना की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी मिसाल और प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!