Edited By Vijay, Updated: 19 Apr, 2026 05:17 PM

हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रैगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रैगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने बड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी ने चेस्टर हिल-2 और चेस्टर हिल-4 आवासीय परियोजनाओं के प्रमोटरों पर कुल 70 लाख...
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रैगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रैगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने बड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी ने चेस्टर हिल-2 और चेस्टर हिल-4 आवासीय परियोजनाओं के प्रमोटरों पर कुल 70 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके तहत दोनों प्रोजैक्ट्स पर अलग-अलग आदेश जारी करते हुए 35-35 लाख रुपए की पैनल्टी तय की गई है। यह कार्रवाई रेरा अधिनियम 2016 की धारा 60 के तहत की गई है। जांच में सामने आया कि प्रमोटरों ने फ्लैट खरीददारों से ली गई राशि और प्रोजैक्ट पर खर्च की गई रकम का सही और पारदर्शी रिकॉर्ड नहीं रखा। अथॉरिटी के अनुसार वित्तीय प्रबंधन और खातों के रखरखाव में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
रेरा के अध्यक्ष आरडी धीमान ने बताया कि फिलहाल यह अंतरिम दंड है और मामले में सुओ-मोटो जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। मामले में अन्य नियमों के उल्लंघन की भी पड़ताल की जा रही है। इसमें धारा 11 के तहत प्रमोटरों की जिम्मेदारियों का पालन न करना, धारा 14 के तहत स्वीकृत नक्शों व डिजाइन से हटकर निर्माण करना और धारा 17 के तहत कंप्लीशन सर्टीफिकेट लिए बिना ही खरीददारों को कब्जा सौंपना जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। इन सभी बिंदुओं पर संबंधित विभागों और एजैंसियों से रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद रेरा आगे की कार्रवाई तय करेगा, जिसमें अतिरिक्त जुर्माना या अन्य दंडात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं।
आरडी धीमान ने कहा कि इस फैसले से रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और घर खरीददारों का भरोसा मजबूत होगा। साथ ही यह अन्य प्रमोटरों के लिए भी चेतावनी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर भारी आर्थिक दंड भुगतना पड़ सकता है।
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