Edited By Vijay, Updated: 05 Feb, 2026 06:15 PM

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के अंतर्गत आते उपमंडल बालीचौकी की ग्राम पंचायत भनवास में एक खौफनाक घटना सामने आई है।
बालीचौकी (फरेंद्र): हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के अंतर्गत आते उपमंडल बालीचौकी की ग्राम पंचायत भनवास में एक खौफनाक घटना सामने आई है। यहां के नलौट गांव में एक तेंदुए ने कहर बरपाते हुए एक साथ 25 भेड़-बकरियों को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और प्रभावित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गांव से 3 किलोमीटर दूर स्थित है गऊशाला
मिली जानकारी के अनुसार प्रभावित कौर सिंह पुत्र जय सिंह की गऊशाला गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित है। बुधवार रात खूंखार तेंदुए ने गऊशाला का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर घुसकर भेड़-बकरियों पर हमला कर दिया। तेंदुए ने कुछ भेड़ों को गऊशाला के अंदर ही मार गिराया, जबकि कुछ को खदेड़कर जंगल में जाकर अपना निवाला बनाया। गऊशाला दूर होने के कारण रात के समय घटना का पता नहीं चल पाया।
मंजर देख सहम गया परिवार
गुरुवार सुबह जब कौर सिंह गऊशाला पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चारों तरफ लहूलुहान हालत में भेड़ें पड़ी थीं। इसके बाद ग्रामीणों ने लापता भेड़ों की तलाश में जंगल का रुख किया, जहां घंटों की खोजबीन के बाद कई अन्य भेड़ें भी मृत अवस्था में मिलीं।
रोजी-रोटी का एकमात्र साधन छिना
प्रभावित कौर सिंह ने भरे मन से बताया कि भेड़-बकरी पालन ही उनकी आमदनी का एकमात्र जरिया था। इसी व्यवसाय से उनके पूरे परिवार का गुजर-बसर होता था, लेकिन इस घटना ने उनके परिवार की आर्थिक कमर तोड़ दी है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पहले कभी ऐसी भयानक घटना नहीं हुई थी। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन से मुआवजे और सुरक्षा की लगाई गुहार
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन व वन विभाग से उचित मुआवजे की मांग की है ताकि वे दोबारा अपना काम शुरू कर सकें। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया है कि विभाग जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में जाल बिछाएगा ताकि भविष्य में किसी और नुक्सान को रोका जा सके।