हिमाचल में आदमखोर का आतंक खत्म! वनकर्मी व कुत्तों को लहूलुहान करने वाला तेंदुआ काबू

Edited By Jyoti M, Updated: 03 Feb, 2026 03:22 PM

himachal the leopard that injured forest workers and dogs has been captured

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से दहशत का दूसरा नाम बन चुके उस शिकारी का खेल आखिरकार खत्म हो गया। ग्राम पंचायत दारपा के धाड़ गांव में मौत का तांडव मचा रहे एक तेंदुए को वन विभाग की विशेष टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया।

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से दहशत का दूसरा नाम बन चुके उस शिकारी का खेल आखिरकार खत्म हो गया। ग्राम पंचायत दारपा के धाड़ गांव में मौत का तांडव मचा रहे एक तेंदुए को वन विभाग की विशेष टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया।

यह केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं था, बल्कि ग्रामीणों के डर और विभाग की सूझबूझ के बीच की एक लंबी जंग थी।

लहूलुहान हुए वफादार और जख्मी हुआ रक्षक

इस तेंदुए की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने न केवल बेजुबानों को निशाना बनाया, बल्कि इंसान पर भी सीधा प्रहार किया। बीते कल, जब वन कर्मी इलाके का जायजा ले रहे थे, तब घात लगाए बैठे इस शिकारी ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कर्मी अभी अस्पताल में जंग लड़ रहे हैं।

सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि घर की रखवाली करने वाले पाँच पालतू कुत्तों ने भी अपनी वफादारी की कीमत लहूलुहान होकर चुकाई। आज सुबह ही कुत्तों और तेंदुए के बीच हुए उस भयावह संघर्ष ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया था, जिसका वीडियो देख लोगों की रूह कांप गई थी।

2 घंटे का 'हाई-वोल्टेज' ऑपरेशन

स्थिति की नजाकत को देखते हुए, एसीएफ (ACF) के नेतृत्व में 15 कुशल विशेषज्ञों की 'वाइल्ड लाइफ' टीम मैदान में उतरी। दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुए इस मिशन में टीम ने तेंदुए को चारों तरफ से घेरा। लगभग दो घंटे तक चले इस लुका-छिपी के खेल और कड़ी मशक्कत के बाद, टीम उस खूंखार तेंदुए को काबू करने में सफल रही।

अब अगला पड़ाव:

तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में शिफ्ट किया गया।

मौके पर प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसे पालमपुर वन्यजीव अभयारण्य भेजा जा रहा है।

वन मंडल सुंदरनगर के डीएफओ राकेश कटोच ने सफल ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।

राहत की सांस और सामान्य होता जनजीवन

शिकारी के पकड़े जाने की खबर मिलते ही सरकाघाट की पहाड़ियों में महीनों से पसरा सन्नाटा अब राहत की मुस्कान में बदल गया है। हालांकि वन विभाग अभी भी सतर्क है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, धाड़ गांव के लोग अब फिर से अपने खेतों और घरों के बाहर बेखौफ निकल सकेंगे।

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