Edited By Vijay, Updated: 04 Feb, 2026 02:49 PM

हिमाचल प्रदेश में वन्यजीव प्रेमियों को निराश करने वाली खबर सामने आई है। मंडी और कुल्लू की सीमा पर स्थित बंजार-बालीचौकी क्षेत्र में दुर्लभ प्रजाति एक मादा बारहसिंगा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।
हिमाचल डैस्क: हिमाचल प्रदेश में वन्यजीव प्रेमियों को निराश करने वाली खबर सामने आई है। मंडी और कुल्लू की सीमा पर स्थित बंजार-बालीचौकी क्षेत्र में दुर्लभ प्रजाति एक मादा बारहसिंगा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। आशंका है कि वह अवैध शिकार का शिकार बनी है।
जानकारी के अनुसार बीते दिन देर शाम बालीचौकी-बंजार सीमा पर ग्रामीणों ने एक मादा बारहसिंगा को बदहवास हालत में तीर्थन नदी के किनारे भागते देखा। आशंका जताई जा रही है कि शिकारियों के डर से भाग रही इस मादा बारहसिंगा ने जान बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी थी। सूचना मिलते ही वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मंगलौर पंचायत के कर्मचारी भूपेंद्र शर्मा ने साहस दिखाते हुए नदी में उतरकर उसे बाहर निकाला और बंजार वन विभाग की टीम को सौंपा। ग्रामीणों और वन विभाग ने उसे रैस्क्यू तो कर लिया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
डीएफओ मनोज कुमार के मुताबिक शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है ताकि पता चल सके कि उसे गोली या छर्रे लगे थे या नहीं। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि मादा बारहसिंगा के साथ एक नन्हा शावक (बच्चा) भी था, जो घटना के बाद से लापता है। मां की मौत के बाद अब उस नन्हे शावक की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। वन विभाग के अनुसार यह दुर्लभ प्रजाति की मादा बारहसिंगा पिछले दो महीने से थाची और भूराह क्षेत्र में देखी रही थी। विशेषज्ञों ने इसे वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।