Edited By Jyoti M, Updated: 06 Mar, 2026 09:14 AM

हिमाचल प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ी हलचल हुई है। केंद्र सरकार ने राज्यों के संवैधानिक प्रमुखों के चेहरों में बदलाव करते हुए कविंदर गुप्ता को 'देवभूमि' का नया राज्यपाल नियुक्त किया है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ी हलचल हुई है। केंद्र सरकार ने राज्यों के संवैधानिक प्रमुखों के चेहरों में बदलाव करते हुए कविंदर गुप्ता को 'देवभूमि' का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। राष्ट्रपति भवन से गुरुवार देर शाम जारी आदेशों के मुताबिक, गुप्ता अब लद्दाख के उपराज्यपाल की भूमिका से आगे बढ़कर हिमाचल के राजभवन की शोभा बढ़ाएंगे।
वहीं, हिमाचल में अब तक अपनी सेवाएं दे रहे शिव प्रताप शुक्ल को दक्षिण भारत की ओर भेज दिया गया है, जहां वे तेलंगाना के नए राज्यपाल के रूप में अपनी अगली पारी शुरू करेंगे।
कविंदर गुप्ता का संघर्ष से शिखर तक का सफर
हिमाचल के नवनियुक्त राज्यपाल कविंदर गुप्ता का व्यक्तित्व किसी परिचय का मोहताज नहीं है। मात्र 13 वर्ष की उम्र में RSS (संघ) से जुड़कर समाज सेवा का संकल्प लेने वाले गुप्ता ने आपातकाल के दौर में 13 महीने जेल की सलाखों के पीछे बिताए।
नगर निगम से विधानसभा तक: जम्मू की स्थानीय राजनीति में वे एक चमकता हुआ चेहरा रहे, जहां उन्होंने लगातार तीन बार मेयर की कुर्सी संभाली।
ऐतिहासिक उपलब्धि: साल 2014 में गांधीनगर से विधायक बनने के बाद, वे जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पहले भाजपाई अध्यक्ष बने।
उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी: राज्य की राजनीति में उनका कद तब और बढ़ा जब 2018 में उन्हें उपमुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई, हालांकि गठबंधन टूटने के कारण उनका यह कार्यकाल मात्र 51 दिनों का रहा।
65 वर्षीय गुप्ता को उनकी सादगी और अनुभव के लिए जाना जाता है। हालिया जम्मू-कश्मीर चुनावों में पर्दे के पीछे रहकर पार्टी को मजबूती देने का इनाम अब उन्हें हिमाचल की जिम्मेदारी के रूप में मिला है।
तेलंगाना रवाना हुए शिव प्रताप शुक्ल
फरवरी 2023 से हिमाचल प्रदेश के 29वें राज्यपाल के रूप में कार्यरत शिव प्रताप शुक्ल का कार्यकाल काफी चर्चा में रहा। शिमला के राजभवन में रहते हुए कई मौकों पर राज्य की सुक्खू सरकार और उनके बीच वैचारिक मतभेद भी उभरकर सामने आए। अब वे अपनी प्रशासनिक कुशलता का प्रदर्शन तेलंगाना जैसे महत्वपूर्ण राज्य में करेंगे।