Edited By Jyoti M, Updated: 05 Mar, 2026 11:54 AM

हिमाचल प्रदेश में कुदरत एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। जहां पिछले कुछ दिनों से चटख धूप ने पहाड़ों को गर्माहट दी है, वहीं अब बादलों का डेरा और बर्फबारी का दौर लौटने वाला है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में कुदरत एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। जहां पिछले कुछ दिनों से चटख धूप ने पहाड़ों को गर्माहट दी है, वहीं अब बादलों का डेरा और बर्फबारी का दौर लौटने वाला है।
धूप और छांव का रोमांचक खेल
फिलहाल देवभूमि में सूरज की तपिश महसूस की जा रही है, जिससे दिन और रात के पारे में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अगले 48 से 72 घंटों तक गर्मी का यह सिलसिला जारी रहेगा और न्यूनतम व अधिकतम तापमान में 2-3°C का इजाफा हो सकता है। लेकिन यह शांति केवल आने वाले तूफान की आहट है।
पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक: क्या होगा बदलाव?
शिमला स्थित मौसम केंद्र के विश्लेषण के अनुसार, सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पहाड़ों की शांति भंग होने वाली है। आगामी कुछ दिनों की मामूली बढ़त के बाद, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान अचानक 2-8°C तक लुढ़क सकता है।
7 से 9 मार्च को ऊंची चोटियों और जनजातीय क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ कहीं-कहीं हल्की बर्फबारी और बूंदाबांदी की संभावना है।
10 मार्च का अलर्ट: इस दिन मौसम का असर व्यापक होगा। न केवल ऊंचे पर्वत, बल्कि मध्यम पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी बारिश व हिमपात के आसार हैं।
सावधानी और शुष्कता
हालांकि 10 मार्च को मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ने की उम्मीद है, लेकिन सप्ताह के शेष दिनों में आकाश साफ रहने और मौसम शुष्क बने रहने की भविष्यवाणी की गई है। अचानक गिरता पारा और बर्फीली हवाएं स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां खड़ी कर सकती हैं।