Edited By Jyoti M, Updated: 15 Jan, 2026 11:00 AM

हिमाचल प्रदेश में कुदरत के तेवर तीखे हो गए हैं। सिरमौर के कुछ हिस्सों को छोड़ दें, तो प्रदेश का लगभग हर कोना इस वक्त हाड़ कँपा देने वाली सर्दी की गिरफ्त में है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक पारा लुढ़क कर शून्य के करीब पहुँच चुका है, जिससे समूचा जनजीवन...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में कुदरत के तेवर तीखे हो गए हैं। सिरमौर के कुछ हिस्सों को छोड़ दें, तो प्रदेश का लगभग हर कोना इस वक्त हाड़ कँपा देने वाली सर्दी की गिरफ्त में है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक पारा लुढ़क कर शून्य के करीब पहुँच चुका है, जिससे समूचा जनजीवन ठिठुरने को मजबूर है।
धुंध का पहरा और गिरता पारा
राज्य के 11 जिलों में रात का समय बेहद कष्टकारी साबित हो रहा है, जहाँ थर्मामीटर 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे की रीडिंग दिखा रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि मुख्य शिमला शहर में दिन के वक्त धूप की वजह से गर्मी महसूस की जा रही है, जबकि जिले के ग्रामीण अंचल ठंड से बेहाल हैं।
कोहरे की मार:
निचले मैदानी इलाकों (ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी आदि) में घनी धुंध ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। विजिबिलिटी कम होने से सड़कों पर गाड़ियाँ रेंग रही हैं और रेलगाड़ियाँ अपने निर्धारित समय से पिछड़ रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर सुबह स्कूल जाने वाले नन्हे बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों पर पड़ रहा है।
येलो अलर्ट: प्रशासन ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए शीत लहर की चेतावनी जारी की है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम का नया मोड़: बर्फबारी की दस्तक
शुष्क मौसम की मार झेल रहे बागवानों और किसानों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज (गुरुवार) रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहा है।
उम्मीद की किरण: 16 से 20 जनवरी के बीच आसमान से राहत की बूंदें और सफेद चांदी (बर्फ) गिरने की प्रबल संभावना है।
असर: यदि यह पूर्वानुमान सटीक बैठता है, तो प्रदेश में लंबे समय से चला आ रहा सूखे का दौर समाप्त हो जाएगा। हालांकि, बारिश और हिमपात के बाद ठिठुरन में और इजाफा होना तय है।
धूप और छांव का खेल
बुधवार को शिमला सहित मध्य पहाड़ी इलाकों में खिली धूप ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन यह सुकून महज सूरज ढलने तक ही सीमित रहा। शाम होते ही बर्फीली हवाओं ने फिर से अपना कब्जा जमा लिया। आने वाले कुछ दिनों में रातें और भी सर्द होने वाली हैं।
विशेष सावधानी: कम दृश्यता के कारण वाहन चालक संभलकर चलें और बदलते मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।