Edited By Swati Sharma, Updated: 21 Apr, 2026 02:36 PM

Hamirpur News : विद्युत उपमंडल-2 हमीरपुर के सहायक अभियंता सौरभ राय ने बताया कि भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत बिजली के सभी पुराने मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और ये मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ताओं पर कोई भी अतिरिक्त वित्तीय भार...
Hamirpur News : विद्युत उपमंडल-2 हमीरपुर के सहायक अभियंता सौरभ राय ने बताया कि भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत बिजली के सभी पुराने मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और ये मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ताओं पर कोई भी अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं डाला जा रहा है।
अभियंता सौरभ रायने बताया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (मीटरों की स्थापना एवं संचालन) संशोधन विनियम-2026 के अनुसार जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्मार्ट मीटर उपलब्ध करवाना अनिवार्य किया गया है। विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 163 (1) के अंतर्गत लाइसेंसी अथवा उसके अधिकृत प्रतिनिधि को उचित सूचना देकर किसी भी परिसर में प्रवेश कर मीटर की जांच, मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन करने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि धारा 163 (3) के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता अधिकृत अधिकारी को परिसर में प्रवेश या कार्य करने से रोकता है तो लिखित सूचना के 24 घंटे के पश्चात विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से विच्छेदित किया जा सकता है। सहायक अभियंता ने बताया कि हमीरपुर में मीटर बदलने का कार्य सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद अधिकृत एजेंसी मैसर्स अप्रावा हमीरपुर स्मार्ट मीटर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। इसके बावजूद कुछ उपभोक्ता अधिकृत कर्मचारियों या एजेंसी को पुराने मीटर बदलने के लिए अपने परिसरों में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहे हैं जोकि नियमों के विरुद्ध है।
सहायक अभियंता ने यह भी स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद वर्तमान पोस्टपेड उपभोक्ताओं की विद्युत दरों या सब्सिडी में कोई भी परिवर्तन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मीटर सामान्यतः लाइसेंसी की संपत्ति होते हैं और उनका प्रतिस्थापन एक नियमित तकनीकी प्रक्रिया है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे अधिकृत अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंसी को सहयोग प्रदान करें तथा उन्हें स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति दें, ताकि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, कुशल एवं विश्वसनीय बनाया जा सके। सहायक अभियंता ने कहा कि इस आग्रह के बाद भी अगर कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम-2003 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें विद्युत आपूर्ति का विच्छेदन भी शामिल है।