Edited By Vijay, Updated: 27 Mar, 2025 10:15 PM

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट में बिना बजट प्रावधान के 94.35 करोड़ रुपए खर्च करने पर सवाल उठाए गए हैं। कैग ने ये सवाल 4 अनुदान मांगों पर खर्च की गई राशि को लेकर उठाए हैं।
शिमला (कुलदीप): नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट में बिना बजट प्रावधान के 94.35 करोड़ रुपए खर्च करने पर सवाल उठाए गए हैं। कैग ने ये सवाल 4 अनुदान मांगों पर खर्च की गई राशि को लेकर उठाए हैं। बजटीय प्रावधानों से अधिक की राशि खर्च करने पर इसे हिमाचल प्रदेश बजट मैनुअल के पैरा 12.5 के खिलाफ करार दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की तरफ से विधानसभा में वित्तीय लेखे और विनियोग लेखे को सदन पटन पर रखा गया। सदन में रखे विनियोग लेखों में कैग ने कहा है कि मांग संख्या 16, 18, 28 व 32 में बजट अथवा अनुपूरक बजट में प्रावधान किए बिना ही 94.35 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की गई है। उक्त खर्च की गई राशि में से भी 3 मांगों 16,18 व 32 पर भारी-भरकम राशि खर्च की गई है। मांग संख्या 16 वन एवं वन्य प्राणी विभाग के बजट से संबद्ध है। कैग की तरफ से जिस मांग संख्या 18 का उल्लेख किया गया है, उसका संबंध उद्योग, खनिज, सूचना प्रौद्योगिकी व आपूर्ति से है। मांग संख्या 28 शहरी विकास, ग्राम एवं नगर नियोजन तथा आवास से जुड़ी है। मांग संख्या 32 अनुसूचित जति विकास कार्यक्रम से संबद्ध है। रिपोर्ट में कहा है कि इन 4 मांगों में से 16,18 व 32 पर ही 66.50 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। बीते वर्ष मार्च माह में 55.52 लाख रुपए से अधिक की राशि का पुनर्विनियोजन किया गया।
बिना उपयोगिता प्रमाण पत्र के धनराशि खर्च करने पर भी सवाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि कंटीजैंसी फंड से कोई एडवांस नहीं लिया गया। कैग ने बिना उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) के धनराशि को खर्च करने पर भी सवाल उठाए हैं। ऐसे में उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा न होने से इस राशि का कोई पता नहीं है कि आखिर इस राशि का उपयोग किस कार्य के लिए किया गया है। वर्ष 2023-24 के दौरान 1,744.60 करोड़ रुपए के 1,342 उपयोगिता प्रमाण पत्र जो देय थे, संबंधित निकायों और प्राधिकरणों की तरफ से प्रदान ही नहीं किए गए।
राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि
वर्ष 2022-23 की अपेक्षा वर्ष 2023-24 में राजस्व प्राप्तियों में 1083.55 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह राजस्व व्यय में 306.37 करोड़ रुपए की ही वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 के दौरान राजस्व प्राप्तियां 39173.05 करोड़ रुपए, राजस्व व्यय 44731.63 करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय 5629.79 करोड़ रुपए था।
जीएसटी संग्रहण में भी बढ़ौतरी
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई, 2017 से लागू किया था। वर्ष 2023-24 के दौरान राज्य का माल एवं सेवा कर संग्रहण में 80.68 करोड़ रुपए (1.53 फीसदी) की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें आईजीएसटी के 61.20 करोड़ रुपए के अग्रिम आबंटन का समायोजन शामिल है। इसके अलावा केंद्रीय माल एवं सेवा कर के तहत राज्य को सौंपे गए शुद्ध आय के अपने हिस्से के रूप में 2845.13 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। माल एवं सेवा कर के तहत कुल प्राप्तियां 8185.02 करोड़ रुपए थीं। राज्य को वर्ष 2023-24 के दौरान माल एवं सेवा कर के कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाली राजस्व हानि के कारण राजस्व प्राप्ति के रूप में 88 करोड़ रुपए का गैर-ऋण मुआवजा प्राप्त किया।
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