Edited By Kuldeep, Updated: 31 Aug, 2025 10:34 PM

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में अब तक 4 नैशनल हाईवे और 662 सड़कें बंद हो चुकी हैं। अकेले चम्बा में 253, मंडी में 203, कुल्लू में 175, कांगड़ा में 61, शिमला में 69, सोलन में 30 और ऊना में 22 सड़कें बंद हैं।
हिमाचल डैस्क: राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में अब तक 4 नैशनल हाईवे और 662 सड़कें बंद हो चुकी हैं। अकेले चम्बा में 253, मंडी में 203, कुल्लू में 175, कांगड़ा में 61, शिमला में 69, सोलन में 30 और ऊना में 22 सड़कें बंद हैं। कुल्लू के दो और मंडी व सिरमौर के एक-एक नैशनल हाईवे पूरी तरह ठप्प हैं।
भारी बारिश के चलते बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी गहरा असर पड़ा है। प्रदेश में 985 ट्रांसफार्मर और 495 पेयजल योजनाएं ठप्प पड़ी हैं। कुल्लू में 332, चम्बा में 296 और मंडी में 173 ट्रांसफार्मर बंद हैं, जबकि कांगड़ा, मंडी, शिमला और अन्य जिलों में पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक इस मानसून सीजन में अब तक 320 लोगों की मौत हो चुकी है। मंडी में 51, कांगड़ा में 49 और चम्बा में 36 लोगों की जान गई है। अब तक 4098 घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनमें से 844 पूरी तरह ढह गए हैं। अकेले मंडी जिले में 1592 मकानों को नुक्सान हुआ है। इसके अलावा 471 दुकानें और 3710 पशुशालाएं भी तबाह हो चुकी हैं।
अब तक 3056 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुक्सान दर्ज किया गया है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 1707 करोड़, जलशक्ति विभाग को 1070 करोड़ और ऊर्जा विभाग को 139 करोड़ रुपए की क्षति उठानी पड़ी है। मॉनसून सीजन में प्रदेश में अब तक बादल फटने की 45, भूस्खलन की 95 और फ्लैश फ्लड की 91 घटनाएं हो चुकी हैं।