Edited By Kuldeep, Updated: 29 Aug, 2025 05:59 PM

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि सरकारी संस्थानों को दी गई जमीन वापस नहीं होगी। यह जमीन सरकार के पास सुरक्षित रहेगी।
शिमला (प्रीति): उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि सरकारी संस्थानों को दी गई जमीन वापस नहीं होगी। यह जमीन सरकार के पास सुरक्षित रहेगी। विधायक दलीप ठाकुर के सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने सदन में यह जानकारी दी है। हालांकि इस सवाल के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच कई बार नोक-झोंक भी हुई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में मौजूदा सरकार ने 126 नए संस्थान खोले हैं। नए संस्थान गुण दोष के आधार पर खोले जाते हैं। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आज तक हिमाचल प्रदेश में जो सरकारें चुनी, वह काम करने के लिए चुनीं, लेकिन अबकी बार जो सरकार चुनी, वह काम नहीं कर रही, बल्कि काम रोक रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को बने तीन साल हो रहे हैं और अभी भी संस्थान बंद करने और शिफ्ट करने का कार्य चल रहा है। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र सराज के थुनाग स्थित बागवानी कालेज, मंडी की मैडीकल यूनिवर्सिटी को सरकाघाट शिफ्ट करने और सरदार पटेल विवि से बी.एड. कालेज वापस लेने का भी मामला उठाया।
ऐसी घोषणाएं नहीं होनी चाहिए, जिसमें बजट न हो
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने संस्थान का निर्माण किया ही नहीं, यदि संस्थान खड़ा कर लिया होता तो कौन उसे शिफ्ट करता। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना इनरोलमैंट वाले 628 स्कूल बंद किए, वहां से 1400 शिक्षक दूसरे स्कूलों को भेजे और बाकी स्कूलों में स्टाफ पूरा किया है। सराज के थुनाग में आपदा की वजह से दिक्कत आई है, इसलिए वहां से बच्चों को शिफ्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि काम वही है जो अपने कार्यकाल में कर लिया जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घोषणाएं नहीं होनी चाहिए, जिसमें बजट न हो। उन्होंने कहा कि मंडी में हवाई अड्डे के लिए बजट का प्रावधान किया, लेकिन बताएं कि वहां पर हवाई अड्डा कहां है। उन्होंने कहा कि मंडी का हवाई अड्डा नहीं बना, लेकिन पहली ईंट तो रख जाते। इसके लिए एक हजार करोड़ रुपए का बजट रखा था, लेकिन काम शुरू नहीं किया।
पहले स्टाफ ट्रांसफर किया जाता, फिर स्कूल करते हैं बंद : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस संस्थान को बंद करना होता है, वहां से पहले स्टाफ को शिफ्ट किया जाता है और फिर जब वहां से बच्चे कहीं और चले जाते तो उसे बंद कर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब सरकार कालेज बंद करने जा रही है। पहले यहां से स्टाफ ट्रांसफर किया जाएगा, जब कालेज में शिक्षक नहीं होंगे, तो बच्चे भी कालेज छोड़ेंगे और फिर यह कहकर कालेज बंद किया जाएगा कि वहां पर बच्चे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार के तीन साल हो रहे हैं और अभी तक पहले साल की घोषणाएं भी पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने पूछा कि जिन संस्थानों के लिए जमीन देने के बाद बजट का प्रावधान किया है, क्या उनका कार्य शुरू होगा या नहीं।