Edited By Kuldeep, Updated: 30 Aug, 2025 10:08 PM

राज्य में मानसून से दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य में एक बार फिर 4 जगह पर बादल फटे हैं। इनमें रामपुर, मंडी और कुल्लू में 2 स्थानों पर बादल फटने की घटना सामने आई है।
शिमला (संतोष): राज्य में मानसून से दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य में एक बार फिर 4 जगह पर बादल फटे हैं। इनमें रामपुर, मंडी और कुल्लू में 2 स्थानों पर बादल फटने की घटना सामने आई है। मंडी जिले में शुक्रवार रात्रि बादल फटा, जिससे काफी नुक्सान हुआ है। कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल के हिड़ब और शरची नाले में भी बादल फटे हैं, जबकि रामपुर में बादल फटने की घटना से 3 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस बीच चंडीगढ़-मनाली फोरलेन एक बार फिर बंद हो गया है। शनिवार सुबह 7 बजे हणोगी के पास भूस्खलन होने के कारण फोरलेन पर लंबा जाम लग गया। उधर, भारी बारिश व भूस्खलन के कारण मणिमहेश के 4 यात्रियों की मौत हो गई है। चारों पंजाब के रहने वाले हैं।
मुख्यमंत्री ने बाढ़-आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के फतेहपुर और इंदौरा के साथ जिला चम्बा के भरमौर और मणिमहेश सहित अन्य बाढ़ एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री चम्बा के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और शाम को वह चंडीगढ़ लौटे। मौसम के अनुकूल स्थिति पर वह कुल्लू और मनाली जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं और प्रभावित लोगों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुन सकते हैं। हालांकि अभी तक उनके कार्यक्रम की अधिकारिक रूपरेखा नहीं आई है। वह आपदा प्रभावित क्षेत्रों के डीसी सहित अन्य अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं।
आज ऑरैंज, कल से 2 दिन यैलो, 3 सितम्बर से राहत दे सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में रविवार को भी भारी बारिश का ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 3 जिलों चम्बा, कांगड़ा व कुल्लू में भारी बारिश का ऑरैंज अलर्ट और 4 जिलों मंडी, शिमला, सोलन व सिरमौर में यैलो अलर्ट जारी किया गया है। 1 व 2 सितम्बर को भी यैलो अलर्ट रहेगा, जबकि 3 सितम्बर से किसी भी प्रकार का कोई अलर्ट नहीं रहेगा। यानी आगामी दिनों मौसम थोड़ा नरम पड़ सकता है।
3 एन.एच. और 839 संपर्क मार्ग बंद
मौसम की खराब स्थिति के चलते लोक निर्माण, जल शक्ति व बिजली विभाग को बंद पड़ीं सड़कों, पेयजल योजनाओं व ट्रांसफार्मरों को ठीक करने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। शनिवार सुबह तक जहां राज्य में 3 एनएच और 843 संपर्क मार्ग बंद थे, वहीं शाम को 3 एनएच व 839 संपर्क मार्ग अवरुद्ध चल रहे हैं। एनएच03, एनएच05 व एनएच 305 बाधित चल रहे हैं। इसके अलावा 728 बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प हैं। हालांकि कुछ ट्रांसफार्मरों को ठीक किया गया है, क्योंकि सुबह तक 1,637 ट्रांसफार्मर ठप्प पड़े थे। 456 पेयजल योजनाएं भी बाधित चल रही हैं।
320 की मौत, 40 लापता, 3,000 करोड़ पार हुआ नुक्सान का आंकड़ा
20 जून से आरंभ हुए मानसून सीजन में अब तक भूस्खलन की 93, फ्लैश फ्लड की 91 और बादल फटने की 45 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस दौरान 320 लोगों की मौत, 377 घायल और 40 अभी भी लापता चल रहे हैं। इस दौरान राज्य को हुए नुक्सान का आंकड़ा 3,000 करोड़ पार कर गया है। राज्य को 3042.07 करोड़ रुपए की चपत लग चुकी है। इसमें सबसे अधिक लोक निर्माण विभाग व जल शक्ति विभाग को नुक्सान पहुंचा है।