Edited By Vijay, Updated: 16 Jan, 2026 11:30 PM

औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की आबोहवा लगातार खराब होती जा रही है। बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रमुख सड़कों, औद्योगिक क्षेत्रों, हाईवे और निर्माणाधीन मार्गों पर पानी का छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं....
शिमला (भूपिन्द्र): औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की आबोहवा लगातार खराब होती जा रही है। बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रमुख सड़कों, औद्योगिक क्षेत्रों, हाईवे और निर्माणाधीन मार्गों पर पानी का छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वातावरण में धूलकण न उड़ें और लोगों को कुछ राहत मिल सके। संबंधित विभागों विशेषकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को तत्काल प्रभाव से इस व्यवस्था को लागू करने के आदेश दिए गए हैं। बोर्ड का कहना है कि इससे सड़कों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और वायु गुणवत्ता में कुछ हद तक सुधार आएगा।
बद्दी में एयर क्वालिटी इंडैक्स (एक्यूआई) का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। शुक्रवार को बद्दी का एक्यूआई 313 रिकॉर्ड किया गया, जबकि एक दिन पहले यानी 15 जनवरी को यह 342 तक पहुंच गया था। यह स्तर अत्यंत खराब श्रेणी में आता है, जो बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। लगातार ऊंचा एक्यूआई रहने से आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खांसी और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार बद्दी में औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ भारी ट्रैफिक, निर्माण कार्य और सूखी सड़कों से उड़ने वाली धूल भी प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। इसी कारण पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रमुख सड़कों, हाईवे और निर्माणाधीन मार्गों पर नियमित अंतराल पर पानी का छिड़काव सुनिश्चित करें। इससे वातावरण में उड़ने वाले सूक्ष्म कणों को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि बारिश होने के बाद कुछ राहत की उम्मीद जताई जा रही है। यदि आगामी दिनों में बारिश होती है व बाद में तेज धूप निकलती है, तो एक्यूआई स्तर में सुधार हो सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योगों को भी अपने उत्सर्जन मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचें, मास्क का उपयोग करें और खुले में कचरा जलाने से परहेज करें।
हिमाचल में मात्र एक शहर की आबोहवा अच्छी
हिमाचल प्रदेश में केवल एक शहर शिमला की आबोहवा सेहत के लिए अच्छी है। यहां पर एक्यूआई 48 रिकाॅर्ड किया गया। वहीं 6 शहरों धर्मशाला, मंडी, सुंदरनगर, ऊना, डमटाल व परवाणू में एक्यूआई सैटिस्फैक्टरी यानि 50 से 100 के मध्यम रहा। वहीं 4 शहरों पांवटा साहिब, कालाअंब, बरोटीवाला व नालागढ़ में एक्यूआई 100 से 150 के मध्यम यानि मॉडरेट रहा।
बद्दी में एक्यूआई खराब होने के कई कारण : प्रवीण गुप्ता
हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने कहा कि बद्दी में एक्यूआई खराब होने के कई कारण है। बद्दी ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों चंडीगढ़, पंचकूला और अन्य मैदानी इलाकों का एक्यूआई भी खराब बना हुआ है। इन क्षेत्रों से आने वाली प्रदूषित हवा का असर बद्दी पर भी पड़ रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। इसके अलावा क्षेत्र में हाईवे का कार्य भी जारी है। इसे देखते हुए वहां पर पानी का छिड़काव करने के आदेश जारी किए हैं।